
माउंट आबू वासियों के लिए राहत की खबर है। लंबे इंतजार के बाद सालगांव बांध परियोजना को आखिरकार वन विभाग की मंजूरी मिल गई है। इससे इस हिल स्टेशन की पुरानी पेयजल और सिंचाई की समस्या के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
यह परियोजना पहली बार 1977 में प्रस्तावित की गई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब सांसद लुंबाराम चौधरी की सक्रियता और लोकसभा में उठाए गए सवालों के चलते वन विभाग, लखनऊ ने जरूरी क्लीयरेंस जारी कर दी है।
पिछले साल नवंबर में हुई समीक्षा बैठक में यह स्पष्ट हुआ था कि भूमि वन विभाग के अधीन है और बिना जरूरी मंजूरी के कार्य शुरू नहीं हो सकता। इसके बाद चौधरी ने लोकसभा में प्रश्न पूछकर कार्रवाई को गति दी, जिससे फाइल लखनऊ ट्रांसफर हुई और अंततः अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल गया।
इस बांध की भराव क्षमता 155.56 मिलियन घन फीट होगी। इसका लाभ न केवल आम नागरिकों को मिलेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र और वन्यजीवों के लिए भी यह जीवनदायिनी साबित होगा।