भारत में 40% से भी कम विकलांग व्यक्तियों के पास लाभ के लिए आवश्यक पहचान पत्र है
यूडीआईडी आवेदनों के प्रसंस्करण में देरी कम कवरेज का एक कारण है

आंकड़ों के अनुसार, भारत में दिव्यांगजनों (PwD) की अनुमानित आबादी के 40% से भी कम लोगों को विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (UDID) कार्ड जारी किया गया है, जिससे उन्हें सरकारी लाभों तक पहुँच प्राप्त होती है। UDID कार्ड के लिए 11 लाख से ज़्यादा आवेदन अभी भी लंबित हैं, जिनमें से 60% से ज़्यादा आवेदन छह महीने से ज़्यादा समय से लंबित हैं।

केंद्र सरकार के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) के अंतर्गत UDID उप-योजना, दिव्यांगजनों के लिए एक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने हेतु कार्यान्वित की जा रही है। ये कार्ड दिव्यांगजनों को योजनाओं के प्रमुख लाभों तक पहुँच प्रदान करते हैं। ऐसी ही एक योजना है दिव्यांगजन सहायता (ADIP), जो उन्हें व्हीलचेयर, बैसाखी, कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, ब्रेल स्लेट आदि खरीदने में मदद करती है। यह उन्हें शैक्षणिक संस्थानों में छात्रवृत्ति और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का विकल्प चुनने की भी अनुमति देती है।