अब सोफिया गर्ल्स कॉलेज में लड़के भी पढ़ सकेंगे:पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी कोर्स में होगी को- एजुकेशन; एडमिशन शुरू

अजमेर के सोफिया गर्ल्स कॉलेज ने 2025-26 शैक्षणिक सत्र से पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी कोर्स में को-एजुकेशन शुरू करने का फैसला किया है। कॉलेज ने इसके लिए कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय से अनुमति ले ली हैं। इससे पहले कॉलेज में सिर्फ लड़कियों के लिए ही सीट थी। अब लड़कों को भी एडमिशन मिल सकेगा। प्रिंसिपल सिस्टर पर्ल ने आज इसकी जानकारी दी।
लड़के अंग्रेजी, भूगोल, कंप्यूटर विज्ञान, इतिहास, समाजशास्त्र, रसायन विज्ञान, राजनीति विज्ञान, वाणिज्य और बीएलआईएस जैसे विषयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे। इसके अलावा, भूगोल, इतिहास, रसायन विज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान और वाणिज्य में पीएचडी पाठ्यक्रम भी लड़के-लड़कियों दोनों के लिए होंगे।

लड़कों के लिए 40 परसेंट सीट रिजर्व

कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर सिस्टर पर्ल ने कहा- यह फैसला छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्रदान करने और शिक्षा में समावेशिता को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है। कॉलेज में छात्रों की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
PHD के सब्जेक्ट- ज्योग्राफी, इतिहास इकोनॉमिक्स,सोशियोलॉजी, फिजिकल एजुकेशन, साइकोलॉजी, होमसाइंस, कैमिस्ट्री, बॉटनी,जूलॉजी, फिजिक्स, मैथेमेटिक्स, मैनेजमेंट और कॉमर्स।
पोस्ट ग्रेजुएशन के सब्जेक्ट- इंग्लिश लिटरेचर ,पॉलिटिकल साइंस,हिस्ट्री, सोशियोलॉजी,M.Sc कैमिस्ट्री,कंप्यूटर साइंस,एम.कॉम ABST, बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इन्फॉर्मेशन साइंस।
बदलाव का उद्देश्य

कॉलेज प्रशासन के अनुसार, इस फैसले के पीछे मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा में अवसरों का विस्तार करना और विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले छात्रों को एक मंच पर लाना है।
शैक्षणिक विविधता:
लड़कों के आने से कॉलेज में नए दृष्टिकोण और अनुभव जुड़ेंगे।
अवसर की समानता
कई छात्र जो इन विशेष विषयों में पढ़ाई करना चाहते हैं लेकिन उनके शहर में विकल्प नहीं हैं, अब अजमेर आकर पढ़ सकेंगे।
शोध को बढ़ावा:
पीएचडी कोर्स में को-एजुकेशन से शोध कार्यों में विविधता और गुणवत्ता बढ़ेगी।
कॉलेज की पहचान और इतिहास

सोफिया गर्ल्स कॉलेज अजमेर राजस्थान के प्रमुख महिला महाविद्यालयों में से एक है, जिसने दशकों से हजारों छात्राओं को उच्च शिक्षा में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। कॉलेज अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासन और सुरक्षित माहौल के लिए जाना जाता है। अब को-एजुकेशन की शुरुआत के साथ यह संस्थान न केवल छात्राओं के लिए, बल्कि छात्रों के लिए भी एक आकर्षक शिक्षा केंद्र बन जाएगा।
छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
इस फैसले को लेकर छात्रों और अभिभावकों में उत्साह है। कई छात्रों ने कहा कि इससे उन्हें बेहतर शिक्षा पाने का मौका मिलेगा। वहीं, कुछ अभिभावकों का मानना है कि यह कदम शिक्षा में लैंगिक भेदभाव को कम करेगा और प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा।
भविष्य की दिशा
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि यह बदलाव आने वाले वर्षों में कॉलेज को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा। साथ ही, यह फैसला अजमेर को उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में और मजबूत करेगा।