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सिर्फ प्रदूषण नहीं… दिल्ली की सड़कों पर एक और बड़ा खतरा मंडरा रहा है!❞

 

 

 

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को लेकर तो हमेशा चिंता बनी रही है, लेकिन अब एक नई सोच उभरकर सामने आ रही है। एक हालिया सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है—यहां के लोग अब गाड़ियों से निकलने वाले धुएं से ज्यादा, अपनी जान की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं।

 

पुरानी गाड़ियों पर सख्त पाबंदियों की तैयारी चल रही है, लेकिन इसके पीछे की वजह सिर्फ प्रदूषण नहीं है। Park+ रिसर्च लैब्स द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के 10,000 कार मालिकों से बातचीत के आधार पर यह सामने आया कि अब लोग मानते हैं कि 15 साल पुरानी गाड़ियां केवल पर्यावरण के लिए नहीं, बल्कि इंसानी जान के लिए भी बड़ा खतरा हैं।

 

सोच में आ रहा है बड़ा बदलाव

54% लोगों का मानना है कि पुरानी गाड़ियाँ इसीलिए खतरनाक हैं क्योंकि उनमें आधुनिक सुरक्षा तकनीकें जैसे एयरबैग, ABS ब्रेक, ADAS आदि नहीं होते।

 

46% लोग अब भी मानते हैं कि पुरानी गाड़ियों से निकलने वाला धुआँ सबसे बड़ा खतरा है।

 

आंकड़े बताते हैं सच्चाई

15 साल से अधिक पुरानी गाड़ी चलाने वालों की क्रैश में मौत की आशंका 31% ज्यादा होती है।

 

6 से 15 साल पुरानी गाड़ियों में यह जोखिम 19% ज्यादा है।

 

कुल हादसों में 30% पुरानी गाड़ियाँ शामिल होती हैं, जबकि नई गाड़ियों का यह आंकड़ा 25% है।

 

इन गाड़ियों में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग, और लेन असिस्ट जैसे फीचर्स नहीं होते, जो अब हादसों को टालने में बेहद जरूरी साबित हो चुके हैं।

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Author: sshakti

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