डेंगू-मलेरिया: मच्छर के डंक में छुपी है खामोश मौत
स्वास्थ्य विभाग ने आमजन को चेताया है कि बरसात के इस मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। ये रोग एक छोटे से मच्छर के डंक से फैलते हैं — जो न तो कोई आहट करता है, न ही शोर — लेकिन इसका असर सीधे ज़िंदगी पर पड़ता है।
हर साल हजारों लोग इस “खामोश मौत” का शिकार बनते हैं। डेंगू-मलेरिया की शुरुआत सामान्य बुखार से होती है, लेकिन सही समय पर इलाज न होने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।
🧼 क्या है कारण?
घरों और आसपास जमा साफ लेकिन रुका हुआ पानी
टंकियों, कूलरों, गमलों, टायरों में जमा पानी
लापरवाही और नियमित सफाई का अभाव
✅ बचाव ही उपाय है:
घर और आसपास पानी एकत्र न होने दें
सप्ताह में एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाएं
मच्छरदानी और मच्छररोधी क्रीम/धूप का प्रयोग करें
पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
तेज बुखार, बदन दर्द, चकत्ते आदि लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
📣 स्वास्थ्य विभाग की अपील:
“मच्छर छोटा जरूर है, पर लापरवाही बड़ी भारी पड़ सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”
“डेंगू-मलेरिया को रोकने का एकमात्र तरीका है — मच्छर को पनपने से रोकना।”

🔴 “सावधान! बिना किसी आहट के जानलेवा हो सकता है यह छोटा सा जीव…”
🛑 “डेंगू-मलेरिया को कहिए — NO ENTRY