ताने सुने, ठोकरें खाईं… लेकिन मिट्टी से रच दिया इतिहास, MP के दिव्यांग अजय की कहानी कर देगी हैरान
बुरहानपुर के दिव्यांग कलाकार अजय अहीरे चलने में असमर्थ हैं, लेकिन उन्होंने अपने गॉड गिफ्टेड हुनर से मिट्टी की अद्भुत गणेश प्रतिमाएं बनाईं. हर साल 100 से अधिक प्रतिमाएं बनाते हैं.

बुरहानपुर. जब समाज का एक वर्ग दिव्यांग लोगों को देखता है, तो वह ताने देना शुरू कर देता है. क्या करेंगे, कैसे होगा, यह तो कुछ नहीं कर सकता. यह अक्सर बातें सुनने में आती है. मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के राजपुरा क्षेत्र में रहने वाले अजय कुमार दिव्यांग है, लेकिन उन्हें प्रतिमा बनाने की कलाकारी गॉड गिफ्ट मिली है. उन्होंने छोटी-छोटी प्रतिमा बनाने से शुरुआत की आज वह मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात में भगवान गणेश की प्रतिमा बनाकर भेजते हैं. उनकी प्रतिमा की कलाकारी के लोग इतने दीवाने हैं कि लोग 6 महीने पहले उनको प्रतिमा बनाने का आर्डर देते हैं. अभी उनकी उम्र की बात करें तो 65 वर्ष की उनकी उम्र है. वह स्वयं अपने पैरों पर खड़े नहीं हो पाते हैं, लेकिन भगवान गणेश की 10 से 15 फीट ऊंची प्रतिमाएं खड़ी कर देते हैं.
कलाकार ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब राजपुरा क्षेत्र में रहने वाले अजय कुमार अहीरे से बात की, तो उन्होंने बताया कि मैं बचपन से दिव्यांग हूं, तब मुझे लोग देखे थे तो ताने देते थे, लेकिन मैं इन तानों को सुनता गया और संघर्ष करता गया मुझे गॉड गिफ्ट यह कलाकारी मिली, मैं अपने घर पर ही मिट्टी से छोटी-छोटी प्रतिमाएं बनाता था, जब अच्छी बनने लगी, तो लोगों को भी पसंद आने लगी. लोग मुझे ऑर्डर देने लगें. मैंने छोटी प्रतिमाओं से बनाने की शुरुआत की थी. आज मैं बड़ी से बड़ी प्रतिमाएं बना रहा हूं और मध्य प्रदेश महाराष्ट्र और गुजरात के लोगों को भी मेरी कलाकारी पसंद आती है.
स्वयं नहीं हो पाते खड़े गणेश जी की बड़ी-बड़ी प्रतिमाए कर देते हैं खड़ी
दिव्यांग अजय कुमार अहीरे स्वयं खड़े नहीं हो पाते हैं, लेकिन वह अपने हाथों की कलाकारी से बड़ी से बड़ी भगवान गणेश की प्रतिमाएं खड़ी कर देते हैं. अभी उनके द्वारा दो फीट से लेकर तो करीब 15 फीट ऊंची प्रतिमाएं बनाई जाती है इस बार भी उन्होंने 100 से अधिक प्रतिमाएं बनाई है.