रोप-वे बन जाता तो दिव्यांग व वृद्धों को सुविधा मिलती
वन और पर्यावरण मंत्री द्वारा पथ चौड़ीकरण का शिलान्यास किया गया, लेकिन मुंडेश्वरी मंदिर के लिए रोप-वे निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ है। इससे बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में…

वन व पर्यावरण मंत्री द्वारा पथ चौड़ीकरण का शिलान्यास किया तो उम्मीद जगी भूमि मापी, नक्शा बनाने, एनओसी मिलने के बाद
भी नहीं हो रहा काम (पेज चार) भगवानपुर, एक संवाददाता। प्रखंड की पंवरा पहाड़ी पर स्थित देश के प्राचीनतम मुंडेश्वरी मंदिर में
आने-जाने के लिए अब तक रोप-वेका निर्माण कार्यशुरू नहीं कराया जा सका। इससे बुजुर्गऔर दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर तक
पहुंचने में दिक्कत हो रही है। ऐसेलोग मंदिर मेंदर्शन-पूजन करनेके ख्याल सेआतेतो हैं, पर सीढ़ी या सड़क मार्ग से वहां तक
पहुंचने में दिक्कत होती है। वाहन से आने वाले दिव्यांग व वृद्ध दर्शन कर लेते हैं।
लेकिन, पैदल आने वाले ऐसे लोग वंचित रह जाते हैं। पैर सेदिव्यांग कृपा नारायण तिवारी और बुजुर्ग अकलुसाह ने बताया कि
मुंडेश्वरी धाम मेंरोप-वेनिर्माण के लिए कई वर्षों सेयोजना पास की गई है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की समिति ने इसके निर्माण
की स्वीकृति दी है। वन विभाग से एनओसी मिल गया है। निविदा प्रक्रिया भी पूरी हो गई है। लेकिन, निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं
किए जाने से हम लोगों जैसे बुजुर्गऔर दिव्यांग को पहाड़ी पर जाकर मां मुंडेश्वरी देवी का दर्शन- पूजन करना कठिन हो गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि यदि अपना निजी वाहन भी होता, तब भी सड़क मार्ग से पहाड़ी पर जाने के बाद सीढ़ी चढ़कर मंदिर में
जाना काफी मुश्किल होता है। ऐसे में उनके जैसे श्रद्धालुओं के लिए मुंडेश्वरी धाम मेंदर्शन-पूजन करना संभव नहीं हो पाता है। कई
श्रद्धालुओं ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले सप्ताह पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. सुनील कुमार विभागीय
अधिकारियों के साथ मुंडेश्वरी में सड़क चौड़ीकरण व पथ निर्माण का शिलान्यास किए थे। तब उम्मीद जगी थी कि रोप-वे निर्माण
पर कुछ कहेंगे। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।