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दिव्यांग साथियों से बातचीत में हमेशा रखें इन 5 बातों का ध्यान

अपने दिव्यांग को साथियों खुश रखने के लिए कुछ भी ज्यादा ना करें। उन्हें नॉर्मल रहने दें और खुश रहें। 

किसी भी व्यक्ति के लिए दिव्यांग होना कुछ ऐसा नहीं है जिसके कारण उस व्यक्ति के साथ आप अपने रिश्ते खराब कर लें। दिव्यांग व्यक्तियों की जिंदगी भी आम होती है और आपको उनसे किसी भी बात की सहानुभूति नहूीं होनी चाहिए। इसके अलावा अगर आपका कोई दोस्त या लव पार्टनर दिव्यांग हो तो भी आपको उनके साथ ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए जैसे कि वो आपसे अलग हो। पर कई बार ना चाहते हुए भी हमारी हरकत हमारे दिव्यांग साथी को अपनी कमियों का अहसास करवा देती है। ऐसे में जरूरी ये है कि आप अपने दिव्यांग साथियों के साथ बातचीत और व्यवहार करते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखें। तो, आइए हम आपको कुछ ऐसे चीजों के बारे में बताते हैं जिसका आपको अपने दिव्यांग साथियों के साथ बातचीत और व्यवहार करते समय ध्यान रखना चाहिए।

 

अपने दिव्यांग साथियों के साथ बातचीत और व्यवहार में हमेशा रखें इन 5 बातों का ध्यान

1. हर बात के भावनात्मक प्रभावों से अवगत रहें

किसी दिव्यांग व्यक्ति के साथ रहने या डेटिंग करने में आने वालीअतिरिक्त जिम्मेदारियां कई बार आपके साथी पर भारी लग सकती हैं। लेकिन यह भी पूरी तरह से सामान्य है लेकिन ये आपकी जिम्मेदारी है कि आप उन्हें सामान्य महसूस करवाएं। नहीं तो व अपराध बोध की भावनाओं का भी अनुभव कर सकते हैं क्योंकि वे आपकी उतनी मदद नहीं कर सकते जितना वे चाहते हैं। ये चीजें उन्हें, निराश, असहाय और कभी-कभी बोझ महसूस करवा सकती हैं। इसलिए आपको जो भी परेशानी हो आपको उन्हें ये महसूस नहीं करवाना चाहिए कि आप कैसा महसूस कर रह हैं। पर उन्हें खुलकर बात करने दें ताकि वो अच्छा महसूस करें।

2.पॉजिटिव रहें

अपने दिव्यांग साथियों के साथ पॉजिटिव रहें और उन्हें कभी भी ऐसा महसूस ना करवाएं कि वो अलग हैं। आप अपने साथी को महसूस करवाएं कि वो अकेले है इस दुनिया में इस तरह के बल्कि उन जैसे और भी लोग हैं। साथ ही अपने साथी के लिए ऐसे दूसरे दोस्तों को भी खोजें जो उन्हें सफल महसूस करवाए। साथ ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे। जो हर समय उन्हें चीयर करें औरहर स्थिति में पॉजिटिव रहने के लिए प्रेरित करे।

3. कमियों का अहसास ना कराएं

आपको अपने मुंह पर कंट्रोल रखना होगा और कुछ भी ऐसा बोलने से बचना होगा जो कि आपके साथी को महसूस करवाए कि वो अलग हैं या फिर उनमें कमियां हैं। इसके लिए आप उनके काम में बिना कहे मदद ना करें। उन्हें इसे आराम से करने दें। फिर अगर उन्हें आपकी मदद की जरूरत हो तब उसे करें।

4. तारीफ करना ना भूलें

आपका साथी जो भी अच्छा करे उसमें उसकी तारीफ करना ना भूलें। पर ध्यान रखें कि उनकी झूठी तारीफ ना करें। उनके कोशिशों की तारीफ करें और उन्हें और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। साथ ही कोशिश करें कि उन्हें बताएं कि वो किन चीजों और कैसे और बेहतर तरीके से कर सकते हैं।

5. उनके कंफर्टेबल जॉन में आप ढलने की कोशिश करें

दिव्यांग साथियों के लिए हर जगह कंफर्टेबल होना आसान नहीं होता। ऐसे में अगर वो आपके साथ नहीं आना चाहते तो आप उनके साथ चले जाएं। आप उन्हें उनके कंफर्टेबल जॉन में ले जाएं और वहां खुद को उनके रंग में ढालने की कोशिश करें। कुछ भी ज्यादा ना करें बस सब कुछ नॉर्मल रहने दें ताकि आप खुश-खुश महसूस करें।

दिव्यांग साथियों के साथ एक बात का और ध्यान रखें कि उनके शारीरिक क्षमताओं को प्रोत्साहित करें नाकि उनके अक्षमताओं की बात करें। उन्हें ज्यादा प्यार ना करें या ना ही ऐसा अहसास करवाएं कि आप उन पर अहसान कर रहे हैं। बस उनके साथ जितना हो सकते उतना नॉर्मल रहें जैसे कि आप किसी दूसरे साथी के साथ होते।

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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