दिव्यांगों की सेवा से होता है मानव जीवन सफल- डॉ. समित शर्मा
राजस्थान महिला कल्याण मण्डल, चाचियावास में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्वावधान मे अंग उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को किया गया।
राजस्थान महिला कल्याण मंडल द्वारा अजमेर में ब्लॉक स्तरीय उदय सम्मिलित दिव्यांगजन समूह प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। निदेशक राकेश कुमार कौशिक व अतिरिक्त निदेशक तरुण शर्मा भी मौजूद रहे। संस्थापक स्व. सागरमल कौशिक को पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, ई-मित्र संचालक, दिव्यांगजन, अभिभावक और समाजसेवी मौजूद रहे। अजमेर ग्रामीण, पुष्कर व अजमेर शहरी ब्लॉकों के लिए नए उदय समूहों का गठन किया गया।
दिव्यांगों की सेवा से होता है मानव जीवन सफल- डॉ. समित शर्मा राजस्थान महिला कल्याण मण्डल, चाचियावास में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के तत्वावधान मे अंग उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को किया गया। इसका शुभारम्भ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा के द्वारा किया गया।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने कहा कि दिव्यांगता को देखने का नजरिया बदले जाने की आवश्यकता है। दिव्यांग व्यक्ति के लालन पालन की जिम्मेदारी के लिए ईश्वर द्वारा परिवार का चुना जाना परिवार को विशेष बनाता है। दिव्यांग व्यक्ति वंचित हो सकता है लेकिन सबल होता है। किसी व्यक्ति का ईश्वर से साक्षात्कार दिव्यांग के रूप में ही हो सकता है। जहां दिव्यांग रहते है वह स्थान पवित्र मंदिर के समान होता है। इनकी सेवा करने से मानव के रूप में जीवन सफल होता है।उन्होंने कहा कि चाचियावास में राजस्थान महिला कल्याण मण्डल के द्वारा दिव्यांगों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त करने के लिए संस्था द्वारा आवेदन किया जाना चाहिए। अजमेर जिले में गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा विशेष कार्य किया जा रहा है। सरकार द्वारा सामाजिक सुरक्षा निवेश प्रोत्साहन योजना भी चलाई जा रही है। इसमें सहयोग करने पर निःशुल्क भूमि के अतिरिक्त 8 प्रकार की छूटें भी दी जाती है उन्होंने कहा कि स्थानीय छात्रा गुंजन के दल द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक नृत्य ने इन बच्चों की प्रतिभा से रूबरू कराया। इनके दल ने गोरी-गोरी गजबण बणी ठणी पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। यह तारीफ के काबिल है। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा विशेष योग्यजन के हितार्थ किए जाने वाले भावी कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। साथ ही विशेष योग्यजनों को 5 व्हील चेयर, 5 हियरिंग ऎड, 5 शिक्षण अधिगम सामग्री किट वितरित किए ।राजस्थान महिला कल्याण मण्डल चाचियावास के निदेशक श्री राकेश कुमार कौशिक ने संस्था द्वारा किए जा रहे कार्याें की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। विशेष रूप से संस्था द्वारा किए जा रहे नवाचार शीघ्र हस्तक्षेपण कार्यक्रम, समावेशी शिक्षा एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से दिव्यांगों के जीवन में आए परिवर्तन की जानकारी दी। उनके परिवारों को हुए लाभ के बारे में बताया।सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक श्री प्रफुल्ल चन्द्र चौबीसा ने बताया कि विगत समय में सरकार एवं विभाग द्वारा विशेष योग्यजनों को मिले लाभों के बारे में चर्चा की गई। विशेष योग्यजनों को उपलब्ध करवाए गए उपकरण एवं केलीपर्स के विषय में जानकारी दी। गत वर्ष में सर्वाधिक दिव्यांगों को इस योजना के माध्यम से लाभान्वित किया है। विशेष योग्यजनों की यूआईडी योजना पर भी प्रकाश डाला।चौबीसा ने बताया कि अजमेर जिला विधिक संरक्षणता प्रदान करने में पूरे राजस्थान में अव्वल रहा है। वर्ष 2000 से लोकल लेवल कमेटी तथा राष्ट्रीय न्यास भारत सरकार के दिशा-निर्देश से अजमेर जिले में सक्रिय कार्य किया जा रहा है। डॉ. समित शर्मा ने विधिक संरक्षणता के प्रमाण पत्र भी वितरित किए। संस्था सचिव श्रीमती क्षमा आर. कौशिक, अपना घर के भगवान शर्मा, बधिर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री संत कुमार को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।इस अवसर पर जिला परिवीक्षा अधिकारी रजत गुप्ता, राजस्थान महिला कल्याण मण्डल के अनुराग सक्सेना, तरूण शर्मा, भगवान सहाय शर्मा, ईश्वर शर्मा, लक्ष्मण सिंह चौहान, श्याम प्रजापति, पुखराज माली, कृष्ण कुमार,राजकुमार सुनारीवाल एवं दिव्यांग बच्चों सहित उनके अभिभावकोें ने भी भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन श्री ईश्वर शर्मा ने किया।