
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून 2025) में इसमें 47% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, इस तिमाही में देश से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 12.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
मंत्री ने इसे “मेक इन इंडिया” पहल की सफलता बताया और कहा कि बीते एक दशक में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014-15 में जहां यह क्षेत्र 31 अरब डॉलर का था, वहीं अब यह 133 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसी दौरान इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 38,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 3.27 लाख करोड़ रुपये हो गया — यानी आठ गुना से अधिक की छलांग।
भारत में मैन्युफैक्चरिंग पोर्टफोलियो बढ़ाएगा सैमसंग: अश्विनी वैष्णव
इसी बीच, दक्षिण कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग ने भी भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताएं बढ़ाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सैमसंग के लिए भारत वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माण केंद्र बन चुका है। निर्यात के मामले में भी यह एप्पल के बाद दूसरे स्थान पर है।
मंत्री ने कहा कि भारत की प्रतिभा और नवाचार क्षमताओं के चलते सैमसंग लगातार उन्नत तकनीक वाले उत्पाद बना रहा है। कंपनी की भारत स्थित रिसर्च यूनिट में 7,000 से अधिक इंजीनियर कार्यरत हैं।
शनिवार को वैष्णव ने सैमसंग साउथवेस्ट एशिया के सीईओ जेबी पार्क और कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट एसपी चुन से मुलाकात की, जिसकी तस्वीर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की।
गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में सैमसंग मोबाइल एक्सपीरियंस डिविजन के प्रमुख टीएम रोह ने घोषणा की थी कि कंपनी भारत में लैपटॉप निर्माण शुरू करने की तैयारी कर रही है। वर्तमान में सैमसंग भारत में अपने सभी स्मार्टफोन तैयार करता है, जिनमें प्रीमियम मॉडल — गैलेक्सी Z फोल्ड7 (₹1.74–2.11 लाख) और गैलेक्सी Z फ्लिप7 (₹1.09–1.22 लाख) भी शामिल हैं।