PM मोदी की अंग्रेजी पर तंज के बाद घिरे राहुल गांधी, आलोचकों ने याद दिलाई अपनी पढ़ाई

नई दिल्ली/इंदौर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किए गए कटाक्ष को लेकर राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गए हैं। इंदौर में 19 सितंबर को आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की बोलने की शैली और विदेशी नेताओं के साथ उनके संवाद के तरीके की नकल की गई। इस दौरान राहुल गांधी भी मंच पर मौजूद थे और हास्य कलाकार के साथ संवाद करते दिखाई दिए। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं और अन्य आलोचकों ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है।
क्या हुआ था कार्यक्रम में?
इंदौर में छात्रों से संवाद के लिए आयोजित कार्यक्रम में स्टैंड-अप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री मोदी की शैली की मिमिक्री की। एक्ट में मोदी के विदेशी नेताओं से मिलने और बातचीत करने के अंदाज को लेकर व्यंग्य किया गया। राहुल गांधी ने भी इस दौरान बातचीत में हिस्सा लिया। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई।
इससे पहले राहुल गांधी प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और विदेशी नेताओं को गले लगाने की शैली को लेकर भी तंज कर चुके हैं। इंदौर के कार्यक्रम में हुआ मंचीय एक्ट उसी राजनीतिक आलोचना का विस्तार माना जा रहा है।
दिलीप मंडल ने राहुल की पढ़ाई का किया जिक्र
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार दिलीप मंडल ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना करते हुए उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि का उल्लेख किया। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मंडल ने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री मोदी की अंग्रेजी का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए और उन्होंने राहुल की सेंट कोलंबस स्कूल, सेंट स्टीफंस कॉलेज तथा कैंब्रिज तक की शिक्षा का जिक्र किया। उन्होंने मोदी की सामाजिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए तर्क दिया कि किसी व्यक्ति के अंग्रेजी बोलने के तरीके को राजनीतिक कटाक्ष का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए। यह मंडल का राजनीतिक-सामाजिक आकलन है, न कि कोई स्थापित निष्कर्ष।
राहुल गांधी की शिक्षा को लेकर क्या है आधिकारिक रिकॉर्ड?
लोकसभा की आधिकारिक वेबसाइट Digital Sansad पर राहुल गांधी की शैक्षणिक योग्यता में Rollins College, Florida और Trinity College, Cambridge University, UK से शिक्षा का उल्लेख है। संसदीय प्रोफाइल में उनकी योग्यता M.Phil के रूप में दर्ज है।
BJP ने भी साधा निशाना
विवाद केवल अंग्रेजी की टिप्पणी तक सीमित नहीं रहा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और उनकी दिवंगत मां से जुड़े संदर्भों पर भी भाजपा नेताओं ने आपत्ति जताई। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, प्रह्लाद जोशी सहित कई भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना की। दूसरी ओर, कार्यक्रम का घोषित फोकस छात्रों की शिक्षा, भर्ती, रोजगार और व्यवस्था से जुड़े सवालों पर भी था; राहुल गांधी ने कहा कि छात्र व्यवस्था से सवाल उठाना चाहते हैं।
फिलहाल वायरल वीडियो और उस पर आई प्रतिक्रियाओं ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को एक नए राजनीतिक विवाद में बदल दिया है। अंग्रेजी के उच्चारण से शुरू हुई बहस अब राजनीतिक व्यंग्य की मर्यादा और सार्वजनिक मंचों पर नेताओं की भाषा को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बन गई है।






