रंगों से मिलेगी सपनों को उड़ान: रोटरी क्लब अजमेर संयोजिता ने मूक-बधिर विद्यार्थियों संग बांटी दिवाली की खुशियां
अपना घर संस्था के विद्यार्थियों को ड्रॉइंग किट और अल्पाहार वितरित, कला के माध्यम से आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की अनूठी पहल।

शुभदा शक्ति न्यूज़ | अजमेर। दिवाली का त्योहार केवल दीप जलाने और मिठाइयां बांटने तक सीमित नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में उम्मीद और खुशियों के रंग भरने का भी अवसर है। इसी भावना को साकार करते हुए रोटरी क्लब अजमेर संयोजिता ने सेवा कार्य के अंतर्गत अपना घर संस्था के मूक-बधिर विद्यार्थियों के साथ दिवाली की खुशियां साझा कीं। क्लब की ओर से विद्यार्थियों को ड्रॉइंग किट और अल्पाहार वितरित किया गया।
चित्रकला बन सकती है अभिव्यक्ति की सशक्त आवाज
क्लब अध्यक्ष डॉ. भारती प्रकाश ने कहा कि हमारे लिए ड्रॉइंग एक शौक हो सकती है, लेकिन मूक-बधिर बच्चों के लिए यह अपनी भावनाओं और कल्पनाओं को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम बन सकती है। उन्होंने कहा कि दिवाली पर हम माता लक्ष्मी से समृद्धि की कामना करते हैं, लेकिन इन बच्चों को कला के माध्यम से आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के अवसर देना भी सच्ची लक्ष्मी पूजा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ उनमें आत्मविश्वास विकसित करने में भी सहायक हो सकते हैं।
रंगों के जरिए अपनी भावनाओं को आकार देंगे विद्यार्थी
कार्यक्रम की प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर निशा अग्रवाल ने कहा कि चित्रकला बच्चों के लिए अपनी भावनाओं, विचारों और सपनों को व्यक्त करने का सुंदर माध्यम है। दिवाली से पहले मिली ड्रॉइंग बुक्स और किट उनके लिए केवल उपहार नहीं, बल्कि अपनी कल्पनाओं को रंगों में ढालने का अवसर हैं।
उन्होंने कहा कि दिवाली खुशियां बांटने का पर्व है और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने से बड़ी खुशी कोई नहीं हो सकती।
संस्था ने जताया आभार, बच्चों को मिलेगी नई प्रेरणा।

अपना घर संस्था के प्रधानाचार्य दिनेश शर्मा, कार्यालय प्रभारी अंकित गौतम और छात्रावास वार्डन सुनीता प्रजापत ने रोटरी क्लब अजमेर संयोजिता की इस पहल के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सहयोग से विद्यार्थियों को नई गतिविधियों में भाग लेने, अपनी प्रतिभा निखारने और सीखने की प्रेरणा मिलती है।
सांकेतिक भाषा में संवाद कर साझा किए यादगार पल
कार्यक्रम में क्लब सदस्य स्तुति अग्रवाल, सुमन परिहार, संगीता ब्रह्मावार और याशिका रांका उपस्थित रहीं। सदस्यों ने विद्यार्थियों के साथ समय बिताया और सांकेतिक भाषा के माध्यम से उनसे बातचीत कर उनकी भावनाओं एवं अनुभवों को समझने का प्रयास किया।
सदस्यों ने इन पलों को भावुक और यादगार बताया तथा सभी विद्यार्थियों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं।
सच्ची दिवाली वही, जहां हर प्रतिभा को मिले अवसर
यह पहल संदेश देती है कि दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ कला, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति के अवसर भी महत्वपूर्ण हैं। समाज और सेवा संस्थाओं का सहयोग उनकी प्रतिभा को पहचान दिलाने तथा समावेशी वातावरण तैयार करने में सकारात्मक भूमिका निभा सकता है।
शुभदा शक्ति न्यूज़ का संदेश: हर बच्चे की अपनी प्रतिभा और अभिव्यक्ति का अपना तरीका होता है। जरूरत है उसे समझने, सम्मान देने और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने की।
दिव्यांगों को दुनिया और दुनिया को दिव्यांगों से जोड़ना।






