कौन हैं 3 जिलों की कलेक्टर और CM की सचिव रहीं आरती डोगरा?
बीकानेर जिला कलेक्टर रहते हुए आरती डोगरा ने खुले में शौच के खिलाफ शानदार अभियान चलाया था. ‘बंको बिकाणों’ के नाम से मशहूर इस अभियान ने देश भर में मिसाल कायम की थी. अशोक गहलोत जब तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने आरती डोगरा को अपना सचिब बनाया था
आरती डोगरा की जीवनी: आरती डोगरा 2006 बैच की आईएएस अधिकारी हैं जो कई लोगों के लिए प्रेरणा हैं। अपनी छोटी लंबाई के बावजूद, उन्होंने हमेशा अपना सिर ऊँचा रखा और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कठिन परिस्थितियों का सामना किया। आइए उनके उल्लेखनीय और प्रेरक सफ़र पर एक नज़र डालें।

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने गुरुवार रात को IAS अधिकारियों के तबादले की सूची जारी कर दी. प्रदेश में 108 आईएएस अफसरों के तबादले किए गए हैं. दो महिला अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है जिनमें IAS अधिकारी आरती डोगरा भी शामिल हैं. डोगरा को भजनलाल सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी देते हुए बिजली डिस्कॉम का चेयरमैन बनाया गया है. इसके अलावा आनंदी को जयपुर विकास प्राधिकरण और गायत्री राठौड़ को हैल्थ सेक्रेटरी बनाया गया है.
कौन हैं IAS आरती डोगरा ?
आरती डोगरा राजस्थान कैडर की IAS अधिकारी हैं. उन्होंने साल 2006 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर ली थी. 10 साल से ज्यादा से वो राजस्थान में विभिन्न पदों पर रहकर शानदार काम कर चुकी हैं. डोगरा ने कई जिलों में कलेक्टर पद की कमान संभाली और बदलाव के कई नए मॉडल पेश किये.
आरती डोगरा की जीवनी: जन्म, आयु, कद, परिवार और शिक्षा
| जन्म | जुलाई 1979 |
| जन्मस्थल | देहरादून, उत्तराखंड |
| आयु | 41 वर्ष |
| ऊंचाई | 3 फीट और 2 इंच |
| अभिभावक | कर्नल राजेंद्र डोगरा (पिता) |
| कुमकुम डोगरा (माँ) | |
| अल्मा मेटर | वेल्हम गर्ल्स स्कूल |
| लेडी श्री राम कॉलेज |
जुलाई 1979 में उत्तराखंड के देहरादून में कर्नल राजेंद्र डोगरा और कुमकुम डोगरा के घर जन्मी आरती डोगरा की लंबाई 3 फुट 2 इंच है। जन्म के समय ही उनके माता-पिता को उनकी विकलांगता के बारे में बता दिया गया था। उनके माता-पिता को उन्हें एक विशेष स्कूल में भेजने के लिए कहा गया था। हालाँकि, उनके पिता ने उन्हें एक सामान्य स्कूल में भेजा, न कि दिव्यांग बच्चों के लिए बने स्कूल में।
आरती डोगरा जीवनी: शुरू की गई पहल
उन्होंने दिव्यांगजनों को वोट डालने और अपनी राज्य विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएँ कीं, दिव्यांग रथों का प्रबंध किया और दिव्यांगजनों की सहायता के लिए बूथ स्तर के अधिकारियों को नियुक्त किया। परिणामस्वरूप, रिकॉर्ड 17,000 दिव्यांगजनों ने मतदान केंद्र पर अपने वोट डाले।
बीकानेर की डीएम रहते हुए, आरती ने डॉक्टरों को अपने-अपने अस्पतालों में एक अनाथ बच्ची को गोद लेने और उसके भोजन, आश्रय और शिक्षा की ज़िम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित किया। नतीजतन, 40 डॉक्टरों ने 40 बच्चियों की ज़िम्मेदारी ली और यह चलन आज भी ज़िले में जारी है।
तीन जिलों की कलेक्टर और CM की सचिव रहीं
आरती डोगरा बूंदी, अजमेर और बीकानेर की कलेक्टर की रहीं हैं. कई जिलों अतिरिक्त जिला कलेक्टर रहीं हैं. बीकानेर जिला कलेक्टर रहते हुए उन्होंने खुले में शौच के खिलाफ शानदार अभियान चलाया था. ‘बंको बिकाणों’ के नाम से मशहूर इस अभियान ने देश भर में मिसाल कायम की थी. अशोक गहलोत जब तीसरी बार मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने आरती डोगरा को अपना सचिब बनाया था.
कद छोटा लेकिन कारनामें बड़े
डोगरा मूलतः उत्तराखंड के देहरादून की रहने वाली हैं. उनका जन्म 1979 में देहरादून में हुआ. उनका कद 3 फीट और 2 इंच है. अपने कद को नजरअंदाज करते हुए डोगरा ने अपनी कामयाबी के झंडे गाड़े हैं. डोगरा के मां-बाप ने उनका खूब साथ दिया और उन्हें सामान्य स्कूल में पढ़ाया. आरती देश के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज में पढ़ी हैं और 2006 में अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर ली.





