: व्यापारिक अस्थिरता और अमेरिकी टैरिफ मुख्य कारण एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भारत के वित्त वर्ष 2026 के आर्थिक विकास के अनुमान को 6.7% से घटाकर 6.5% कर दिया है। यह कटौती मुख्यतः व्यापारिक अनिश्चितताओं और अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ के कारण की गई है, जिनसे निर्यात और निवेश पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है।
हालांकि, अप्रैल 2025 के एशियाई विकास परिदृश्य (एडीओ) में समग्र वैश्विक आर्थिक विकास में कमी के बावजूद, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है। एडीबी ने बताया कि अमेरिकी टैरिफ और उससे जुड़ी नीतिगत अनिश्चितताओं के कारण निवेश प्रवाह प्रभावित हो सकते हैं।
इसके बावजूद, भारत में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में सुधार के कारण घरेलू खपत में बढ़ोतरी की उम्मीद है। सेवा और कृषि क्षेत्र भारत की विकास दर के प्रमुख स्तंभ बने रहेंगे, और सामान्य से अधिक मानसूनी बारिश से कृषि क्षेत्र को सहारा मिलेगा।
आर्थिक सर्वेक्षण ने वित्त वर्ष 2026 के लिए भारत की GDP वृद्धि को 6.3% से 6.8% के बीच बताया है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वर्ष के लिए विकास दर का अनुमान 6.7% से घटाकर 6.5% कर दिया है। वित्त वर्ष 2025 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.5% बढ़ी, जो पिछले चार वर्षों में सबसे धीमी वृद्धि है। केंद्र सरकार की राजकोषीय स्थिति मजबूत बनी हुई है और RBI से अपेक्षित लाभांश भी प्राप्त हुआ है, जिससे सरकार अपने घाटे को कम करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 में निवेश में बढ़ोतरी के चलते विकास दर में सुधार होकर 6.7% तक पहुंचने की संभावना है। नीतिगत अनिश्चितताओं में कमी और मौद्रिक प्राधिकारियों द्वारा रेपो दर एवं नकद आरक्षित अनुपात में हालिया कटौतियों से आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।