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इस बार कोटा दशहरा मेले में बनेगा रिकॉर्ड, दिखेगा रावण दहन का सबसे भव्य और आधुनिक रूप

कोटा में 215 फीट ऊंचे रावण का होगा दहन, राष्ट्रीय दशहरा मेले में बनेगा विश्व रिकॉर्ड

कोटा में इस साल 215 फीट ऊंचा विश्व रिकॉर्ड रावण बनेगा. फाइबर चेहरा, वेलवेट पोशाक और 20 रिमोट कंट्रोल से होगा दहन.

 

राजस्थान के कोटा जिले में इस बार राष्ट्रीय दशहरा मेला दुनिया भर का ध्यान खींचने वाला है। यहां 215 फीट ऊंचे रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड बनेगा। दशहरे के दिन दशहरा मैदान में इस रावण का रिमोट से दहन किया जाएगा। यह न केवल आकार और तकनीक के लिहाज से अद्वितीय होगा, बल्कि रावण दहन की परंपरा को एक नया आयाम भी देगा।

अंबाला के कलाकार की चार महीने की मेहनत

 

इस विशाल रावण को बनाने का जिम्मा हरियाणा के अंबाला जिले के बराड़ा गांव के तेजेंद्र चौहान और उनकी टीम ने उठाया है। बीते चार महीनों से वे कोटा में पसीना बहा रहे हैं। तेजेंद्र चौहान का कहना है कि यह पुतला सिर्फ आकार में बड़ा नहीं, बल्कि संदेश में भी प्रेरणादायक है। रावण जितना ऊंचा है, उतनी ही हिम्मत की मिसाल भी है। यह उन लोगों के लिए उदाहरण है जो कठिनाइयों से हार मान जाते हैं।

विरासत नहीं, जुनून से मिली पहचान

अधिकांश जगहों पर रावण के पुतले बनाने का काम पीढ़ियों से होता आया है, लेकिन तेजेंद्र की कहानी अलग है। न तो उनके परिवार में यह परंपरा रही, न ही उन्होंने इस काम की कोई औपचारिक ट्रेनिंग ली। पिता अमीसिंह चौहान की सलाह पर उन्होंने रामलीला मंचन और रावण निर्माण शुरू किया। धीरे-धीरे यह उनकी पहचान और जुनून बन गया। आज वह दुनिया के सबसे ऊंचे रावण निर्माता के रूप में रिकॉर्ड दर्ज कराने जा रहे हैं।

तकनीक और सुरक्षा का अनूठा प्रयोग

तेजेंद्र चौहान ने बताया कि इस बार रावण दहन पूरी तरह तकनीकी और आधुनिक तरीके से होगा। पुतले में 20 पॉइंट सेट किए गए हैं। रिमोट का पहला बटन दबाने पर रावण के मुकुट में धमाका होगा, इसके बाद चेहरे, तलवार और धड़ में अलग-अलग विस्फोट होंगे। हर बार के धमाके के साथ आतिशबाजी का नजारा भी दिखेगा। मुकुट को एलईडी कलर लाइट से सजाया गया है, जो रात में आकर्षण का केंद्र बनेगा।
 


भव्यता में झलकेगी कला और मेहनत

215 फीट ऊंचे इस पुतले को तैयार करने में करीब 10 टन स्टील और 1500 बांस (24 फीट लंबे) लगाए गए हैं। रावण की पोशाक वेलवेट कपड़े से बनाई जा रही है, जिसमें लगभग 4000 मीटर कपड़े का इस्तेमाल हो रहा है। उसका विशाल सिर फाइबर ग्लास से बना है, जिसकी ऊंचाई ही करीब 25 फीट है। पुतले को भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए हर हिस्से पर विशेष ध्यान दिया गया है।

 

 
अब तक कई शहरों में छोड़ चुके हैं छाप

यह पहला मौका है जब तेजेंद्र चौहान कोटा में रावण का पुतला बना रहे हैं। 2017 तक वे अंबाला में काम करते रहे। इसके बाद 2018 में पंचकूला, 2019 में चंडीगढ़, फिर देहरादून और दिल्ली में भी उन्होंने रावण के पुतले बनाए। अब तक वह 210 फीट तक का पुतला बना चुके हैं, लेकिन इस बार 215 फीट का रावण उनके करियर का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक निर्माण होगा।

नया रिकॉर्ड बनने की ओर कोटा

दशहरे के दिन जब यह रावण दहन होगा, तो कोटा का नाम इतिहास में दर्ज हो जाएगा। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा बल्कि तकनीकी और सांस्कृतिक दृष्टि से भी मिसाल कायम करेगा। मेले में उमड़ने वाली भीड़ के लिए यह नजारा अविस्मरणीय साबित होगा।

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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