आपका बच्चा भी खाने को देखकर चिड़ाता है मुंह, तो उसे खिलाएं ये चीज, फिर खुद मांगने लगेगा खाना
कई बार बच्चे खाना खाने में नखने करते हैं. आप चाहे घर पर कुछ भी बनाएं उनको वह पसंद नहीं आता और वे मुंह चिढ़ाने लगते हैं. आइए यहां जानते हैं बच्चों की भूख बढ़ाने का कारगर तरीका

आजकल बच्चों को खाना खिलाना बहुत मुश्किल है. अगर आप भी ऐसी मां हैं जो बच्चे के खाना न खाने से परेशान हैं और उन्हें खाना कैसे खिलाएं? इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं. हर माता-पिता की एक आम शिकायत होती है “मेरा बच्चा खाना नहीं खाता!” चाहे घर का पौष्टिक खाना हो या स्कूल का टिफिन, कई बच्चे खाने को देखकर मुंह चिढ़ा देते हैं, बहाने बनाते हैं या सिर्फ जंक फूड की जिद करते हैं. ऐसे में पेरेंट्स परेशान हो जाते हैं कि आखिर बच्चे को हेल्दी खाने की आदत कैसे डलवाएं?
बच्चों का खाना न खाना सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि उनके शरीर और दिमाग की जरूरतों से जुड़ा संकेत हो सकता है. कई बार बच्चे का पाचन कमजोर होता है, तो कभी उन्हें खाने में स्वाद नहीं आता. लेकिन, अच्छी बात ये है कि कुछ घरेलू उपायों और सही चीजों को खाने में शामिल करके आप इस समस्या को आसानी से दूर कर सकते हैं.
बच्चों को खाना खिलाने के आसान तरीका
बच्चों के लिए जादुई फूड: केला और शहद का कॉम्बो
अगर आपका बच्चा खाना देखकर मुंह चिढ़ाता है, तो केला और शहद का कॉम्बिनेशन उसके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह न सिर्फ स्वाद में मीठा और मजेदार होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है.
फायदे:
- भूख बढ़ाता है केला में मौजूद प्राकृतिक शुगर और फाइबर बच्चे की भूख को बढ़ाते हैं. शहद पाचन को सुधारता है और खाने की इच्छा जगाता है.
- एनर्जी देता है केला और शहद दोनों ही एनर्जी बूस्टर हैं. बच्चे स्कूल, खेल या पढ़ाई में एक्टिव रहते हैं.
- पाचन सुधारता है अगर बच्चा खाना नहीं खा रहा है क्योंकि उसका पेट ठीक नहीं रहता, तो यह कॉम्बो पाचन को दुरुस्त करता है.
- स्वाद में लाजवाब बच्चों को मीठा पसंद होता है और केला-शहद का स्वाद उन्हें तुरंत आकर्षित करता है.
कैसे दें ये फूड?
- एक पका हुआ केला लें और उसे अच्छे से मैश कर लें.
- उसमें एक छोटा चम्मच शुद्ध शहद मिलाएं.
- चाहें तो थोड़ा सा दही या ड्राई फ्रूट्स भी मिला सकते हैं.
- सुबह नाश्ते में या शाम को स्नैक के तौर पर दें.
ध्यान रखने वाली बातें:
- शहद एक साल से छोटे बच्चों को न दें.
- केला हमेशा पका हुआ और ताज़ा होना चाहिए.
- अगर बच्चा किसी चीज से एलर्जिक है, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें.

बच्चों को खाना खिलाना अगर चुनौती बन गया है, तो इसका हल स्वाद और पोषण के सही मेल में छिपा है. केला और शहद जैसे नेचुरल फूड्स न सिर्फ बच्चों को पसंद आते हैं, बल्कि उनके शरीर को जरूरी पोषण भी देते हैं. धीरे-धीरे बच्चे की खाने की आदत सुधरती है और वह खुद खाने की मांग करने लगता है.