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स्पेसएक्स का नया मिशन: चार अंतरिक्ष यात्री 15 घंटे में पहुंचे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन

 

 

 

 

स्पेसएक्स का ड्रैगन क्रू कैप्सूल शनिवार को चार अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर सफलतापूर्वक पहुंच गया। इस टीम में नासा के जेना कार्डमैन और माइक फिन्के, जापान की अंतरिक्ष एजेंसी से किमिया युई और रूस के ओलेग प्लाटोनोव शामिल हैं। ये सभी अंतरिक्ष यात्री अगले छह महीनों तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रहेंगे और विभिन्न वैज्ञानिक शोध व अभियानों में हिस्सा लेंगे।

 

कैप्सूल ने फ्लोरिडा स्थित नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी और 15 घंटे के भीतर ISS तक का सफर पूरा किया। जब कैप्सूल ने दक्षिण प्रशांत महासागर के ऊपर स्टेशन से डॉक किया, तो माइक फिन्के ने रेडियो पर संपर्क करते हुए कहा, “हैलो, अंतरिक्ष स्टेशन!” उनके इस संदेश के साथ ही अब ISS पर मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों की कुल संख्या अस्थायी रूप से 11 हो गई है।

 

खास स्वागत और टीम का इतिहास

ISS पर पहले से मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों ने नए आगंतुकों के स्वागत में गर्म भोजन और ठंडे पेय की व्यवस्था की थी।

 

गौरतलब है कि जेना कार्डमैन को पहले भी एक मिशन के लिए भेजा गया था, लेकिन जब बोइंग स्टारलाइनर मिशन में सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर को भेजा गया, तो कार्डमैन को वापिस बुला लिया गया था। वहीं माइक फिन्के और किमिया युई को भी पहले स्टारलाइनर मिशन के लिए प्रशिक्षण दिया गया था, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण उन्हें स्पेसएक्स के मिशन में शामिल किया गया।

 

ओलेग प्लाटोनोव को पहले एक अज्ञात बीमारी के कारण सोयुज मिशन से हटाया गया था, लेकिन अब वह स्वस्थ हैं और इस नए मिशन का हिस्सा बने हैं।

 

सुनीता विलियम्स का लंबा इंतजार

बोइंग स्टारलाइनर के पिछले साल के मिशन में खराबी आने के बाद सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर अंतरिक्ष में फंस गए थे। आठ दिन के मिशन की योजना थी, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण वे 286 दिनों तक स्टेशन पर फंसे रहे। आखिरकार उन्हें स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए पृथ्वी पर वापस लाया गया।

 

ड्रैगन क्रू कैप्सूल: भरोसेमंद अंतरिक्ष यान

स्पेसएक्स का ड्रैगन क्रू कैप्सूल अब तक 46 बार लॉन्च हो चुका है और 42 बार ISS तक सफलतापूर्वक यात्राएं कर चुका है। इसमें एक बार में सात अंतरिक्ष यात्री बैठ सकते हैं, हालांकि आमतौर पर इसमें दो से चार यात्रियों को ही भेजा जाता है। यह दुनिया का पहला निजी अंतरिक्ष यान है जो नियमित रूप से अंतरिक्ष यात्रियों और कार्गो को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचाता है और वापस लाता है।

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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