बढ़ती उम्र में लंबी सैर क्यों नहीं करनी चाहिए? फिटनेस कोच ने बताया लॉन्ग वॉक का सेहत पर क्या होता है असर
फिटनेस ट्रेनर नवनीत रामप्रसाद के अनुसार, सिर्फ लंबी वॉक करना 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को मजबूत बनाने के बजाय और भी कमजोर कर सकता है।

सुबह-शाम की वॉक करना स्वास्थ्य के साथ-साथ सेहत के लिए भी अच्छी होती है। वॉक करने के सेहत को कई फायदे मिलते हैं और बीमारियों से बचाव होता है। अधिकतर भारतीय माता-पिता के लिए सुबह-शाम टहलना ही एक्सरसाइज का सबसे सुरक्षित और आसान तरीका माना जाता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ-साथ लंबी वॉक करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है। सुबह-शाम लंबी वॉक करना 50-60 साल से ऊपर के लोगों के लिए हमेशा फायदेमंद नहीं है।
फिटनेस ट्रेनर नवनीत रामप्रसाद के अनुसार, बेहतर है कि वॉक को छोटे हिस्सों में बांटा जाए और सप्ताह में सीमित दिनों तक ही किया जाए। इसके साथ ही रेजिस्टेंस बैंड एक्सरसाइज और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जोड़ना जरूरी है।
लोगों को मजबूत बनाने के बजाय और भी कमजोर कर सकता है। उन्होंने ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके बताया कि रोजाना कठोर सतह पर लंबे समय तक चलना घुटनों और हड्डियों के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसके साथ ही, यह मांसपेशियों की कमजोरी और दर्द भी बढ़ा सकता है।

वॉक को छोटे हिस्सों में बांटें
नवनीत रामप्रसाद के मुताबिक, 45 मि नट लगातार वॉक करने के बजाय दिन में तीन बार 15-15 मिनट वॉक करें। जैसे एक बार नाश्ते के बाद, दूसरी बार दोपहर के खाने के बाद और तीसरी बार रात के खाने के बाद वॉक करें। ऐसा करने से पाचन भी बेहतर होता है और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता।
हफ्ते में केवल 3-4 दिन वॉक करें
हर दिन लंबे समय तक वॉक करने के बजाय, हफ्ते में 3 से 4 दिन ही वॉक करना बेहतर है। इससे सेहत को फायदा मिलेगा और कई बीमारियों से बचाव होगा।

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शामिल करें
इसके अलावा अन्य दिनों में हेल्दी और फिट रहने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शामिल करें। बाकी दिनों में हल्की स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और मोबिलिटी एक्सरसाइज करनी चाहिए। इससे शरीर को आराम भी मिलेगा और हड्डियां व मांसपेशियां मजबूत रहेंगी।
