
राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा एसआई भर्ती परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला भाजपा के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।
गहलोत ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए देशभर में सबसे कड़े कानून बनाए। उनकी सरकार ने दोषियों को 10 साल की सजा, उम्रकैद, 10 करोड़ रुपये तक जुर्माना और संपत्ति कुर्क करने तक का प्रावधान लागू किया। इसके बाद ही केंद्र सरकार ने कानून बनाया, लेकिन उसमें सजा का प्रावधान कमजोर रखा गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 2021 में उनकी सरकार ने पूर्व आईपीएस महेंद्र कुमावत की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई थी, जिसके सुझावों के आधार पर परीक्षा प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए। एसओजी में एंटी-चीटिंग सेल गठित कर सैकड़ों आरोपियों को जेल भेजा गया।