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“धनतेरस” की खुशियों में ज़हर घोलेगा “विष्कुंभ” योग !

धनतेरस 2026: खुशियों पर विष्कुंभ योग का साया! जानिए सोना-चांदी खरीदने का शुभ समय, कब करें लक्ष्मी-कुबेर पूजा

6 नवंबर को धनतेरस पर बन रहा विशेष ज्योतिषीय संयोग, सुबह 10:30 बजे से त्रयोदशी तिथि; प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व

शुभदा शक्ति न्यूज़। दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व की शुरुआत इस वर्ष 6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस से होगी। घरों में खुशियों, समृद्धि और सुख-शांति की कामना के साथ सोना-चांदी, बर्तन और अन्य वस्तुओं की खरीदारी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। लेकिन इस बार धनतेरस पर बनने वाला विष्कुंभ योग ज्योतिषीय मान्यताओं के कारण चर्चा में है। ऐसे में श्रद्धालुओं के मन में सवाल है कि आखिर खरीदारी और पूजा के लिए कौन-सा समय शुभ रहेगा?

धनतेरस पर विष्कुंभ योग का संयोग

पंचांग संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, 6 नवंबर को हस्त नक्षत्र के साथ विष्कुंभ योग का संयोग रहेगा। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक विष्कुंभ योग सुबह लगभग 5:09 बजे शुरू होकर 7 नवंबर की सुबह 4:10 बजे तक रहेगा। ज्योतिष में इसे कुछ मांगलिक कार्यों के लिए प्रतिकूल माना जाता है। हालांकि यह धार्मिक-ज्योतिषीय मान्यता है, इसका किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति या भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है।

कब से शुरू होगी त्रयोदशी तिथि?

द्रिक पंचांग के अनुसार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10:30 बजे शुरू होगी और 7 नवंबर को सुबह 10:47 बजे समाप्त होगी। प्रदोष काल के आधार पर धनतेरस का पर्व शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाया जाएगा।

सोना-चांदी खरीदने का शुभ मुहूर्त

प्रकाशित पंचांग गणनाओं के अनुसार, 6 नवंबर को खरीदारी के लिए सुबह 10:30 से 10:40 बजे, दोपहर 12:02 से 1:24 बजे, शाम 4:07 से 5:29 बजे और रात 8:46 से 10:24 बजे तक के शुभ समय बताए गए हैं। ये समय विशेष स्थान की गणना पर आधारित हैं और सभी शहरों में एक जैसे नहीं होंगे।

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार विष्कुंभ योग के शुरुआती प्रभाव से बचने के लिए कुछ विद्वान इसके आरंभ होने के लगभग तीन घंटे बाद खरीदारी करने की सलाह देते हैं। श्रद्धालु अपने शहर के पंचांग के अनुसार उपयुक्त समय चुन सकते हैं।

लक्ष्मी-कुबेर और भगवान धन्वंतरि की पूजा कब करें?

धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की परंपरा है। द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली में पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 6:02 से 7:57 बजे तक है। राजस्थान के जोधपुर में यह समय शाम 6:23 से रात 8:20 बजे तक रहेगा। स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के अनुसार पूजा के समय में अंतर संभव है।

महंगी खरीदारी जरूरी नहीं, परंपरा और सामर्थ्य का रखें ध्यान

धनतेरस पर सोना-चांदी के अलावा पीतल के बर्तन, सिक्के और झाड़ू खरीदने की भी परंपरा है। भगवान धन्वंतरि को आरोग्य और स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में धनतेरस का संदेश केवल धन-संपत्ति नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और परिवार की खुशहाली भी है। श्रद्धालु अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार खरीदारी कर सकते हैं।

विशेष सूचना: सभी मुहूर्त भारतीय समयानुसार हैं। स्थानीय पंचांग और ज्योतिषीय परंपराओं में अंतर हो सकता है। शुभ-अशुभ योग संबंधी बातें धार्मिक आस्था पर आधारित हैं।

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

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