Asian Para Games में भारत की पदक बरसात: 35 पदकों के बाद भी नहीं थमी रफ्तार, आज फिर सोना-चांदी बरसा
नागोया में भारतीय पैरा खिलाड़ियों का ऐतिहासिक प्रदर्शन, नौ स्वर्ण सहित 35 पदकों के बाद तीसरे दिन की शुरुआत भी शानदार; आयुष वर्मा को स्वर्ण, शीतल देवी-पायल नाग को रजत

शुभदा शक्ति न्यूज़। जापान के आइची-नागोया में चल रहे Asian Para Games 2026 में भारतीय पैरा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा, संघर्ष और आत्मविश्वास से देश का गौरव बढ़ाया है। शुरुआती दो दिनों के बाद भारत नौ स्वर्ण, 11 रजत और 15 कांस्य सहित कुल 35 पदक जीतकर पदक तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गया। भारतीय खिलाड़ियों ने विशेष रूप से पैरा एथलेटिक्स, शूटिंग और टेबल टेनिस में प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
तीसरे दिन भी पदकों का सिलसिला जारी
बुधवार सुबह भारत की पदक संख्या में और वृद्धि हुई। आयुष वर्मा ने पुरुष शॉट पुट F53 स्पर्धा में 8.16 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ स्वर्ण पदक जीता। महिला कंपाउंड युगल तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने रजत पदक अपने नाम किया। फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन के खिलाफ 141-150 से हार का सामना करना पड़ा।
पुरुष 100 मीटर T35 दौड़ में अनुभव चौधरी ने 12.72 सेकंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय खिलाड़ियों ने पुरुष शॉट पुट की एक स्पर्धा में तीनों पदक जीतकर पोडियम स्वीप भी किया। इससे पहले निशाद कुमार दो स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय अभियान के प्रमुख सितारों में शामिल हो चुके हैं।
दिव्यांगता नहीं, अवसर तय करते हैं उपलब्धियां
भारतीय पैरा खिलाड़ियों का प्रदर्शन केवल पदकों की कहानी नहीं, बल्कि उन सामाजिक और संरचनात्मक बाधाओं पर विजय का उदाहरण है जिनका सामना दिव्यांग खिलाड़ियों को करना पड़ता है। उचित प्रशिक्षण, आधुनिक खेल उपकरण, सुलभ मैदान और आर्थिक सहयोग मिलने पर ये खिलाड़ी विश्व मंच पर देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
शुभदा शक्ति का मानना है कि इन उपलब्धियों को केवल प्रतियोगिता के दिनों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। विद्यालयों और स्थानीय खेल केंद्रों में दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा पहचानने तथा उन्हें समान अवसर देने की स्थायी व्यवस्था आवश्यक है। Asian Para Games में भारत की सफलता समाज को स्पष्ट संदेश देती है—दिव्यांग खिलाड़ियों को सहानुभूति नहीं, सम्मान, संसाधन और अवसर चाहिए।






