🏑 एशियन गेम्स में भारत की ‘गोल्डन स्टिक’: मलेशिया को 5-1 से रौंदकर लगातार दूसरी बार चैंपियन

शुभदा शक्ति न्यूज | स्पोर्ट्स डेस्क
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में अपना नाम दर्ज कर दिया। फाइनल मुकाबले में भारत ने मलेशिया को 5-1 से करारी शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। खास बात यह है कि भारत ने पहली बार एशियन गेम्स पुरुष हॉकी में अपना खिताब सफलतापूर्वक डिफेंड करते हुए लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीता। यह एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का पांचवां गोल्ड मेडल भी है।
हरमनप्रीत ने दिखाई राह, भारत ने बनाया दबदबा
फाइनल में भारतीय टीम शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में नजर आई। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत का खाता खोला और इसके बाद टीम ने मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। मलेशिया ने चुनौती देने की कोशिश की, लेकिन भारतीय आक्रमण और मजबूत डिफेंस के सामने उसकी रणनीति टिक नहीं सकी। अंतिम स्कोर 5-1 भारत के दबदबे की कहानी खुद बयान करता है।
भारत का सफर फाइनल तक आसान नहीं था। सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने 0-3 से पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 3-3 कर दिया था, लेकिन अंतिम मिनट में अभिषेक के गोल ने भारत को 4-3 की रोमांचक जीत दिलाकर फाइनल में पहुंचाया।
🥇 गोल्ड के साथ मिला LA 2028 का टिकट
यह जीत सिर्फ एक गोल्ड मेडल तक सीमित नहीं है। एशियन गेम्स चैंपियन बनने के साथ भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने Los Angeles Olympics 2028 के लिए सीधे क्वालिफाई भी कर लिया है। यानी जापान में मिली यह जीत भारत के अगले ओलंपिक अभियान की मजबूत नींव भी बन गई है।
इस एशियन गेम्स में भारतीय हॉकी के लिए एक और ऐतिहासिक तस्वीर बनी—महिला और पुरुष, दोनों भारतीय हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता। महिला टीम ने चीन को 1-0 से हराकर 44 साल बाद एशियन गेम्स का स्वर्ण जीता था और अब पुरुष टीम ने मलेशिया को मात देकर ‘गोल्डन डबल’ पूरा कर दिया।
यह जीत केवल 5-1 का स्कोर नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी की बढ़ती ताकत का संदेश है—एशिया का ताज बरकरार है और अब निगाहें LA 2028 पर हैं। 🇮🇳🏑🥇






