दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग का नया पोर्टल शुरू
भारत सरकार ने दीनदयाल दिव्यांगजन पुनर्वास योजना और जिला दिव्यांगता पुनर्वास केंद्र के तहत प्रस्तावों को प्रस्तुत करने के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल ‘ई-अनुदान’ शुरू किया है। यह पोर्टल पुराने सिस्टम की…

दीनदयाल दिव्यांगजन पुनर्वास योजना (डीडीआरएस) केंद्र सरकार की एक योजना है जो गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को वित्तीय सहायता प्रदान करती है ताकि वे दिव्यांग व्यक्तियों के पुनर्वास से संबंधित परियोजनाओं को चला सकें। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है.
योजना का उद्देश्य:
- दिव्यांग व्यक्तियों के लिए समान अवसर, समानता, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना.
- दिव्यांग व्यक्तियों को उनके इष्टतम शारीरिक, संवेदी, बौद्धिक, और सामाजिक-कार्यात्मक स्तरों तक पहुंचने और उन्हें बनाए रखने में सक्षम बनाना.
- विकलांग व्यक्तियों के लिए अनुकूल वातावरण बनाना ताकि वे स्वतंत्र जीवन जी सकें.
योजना के मुख्य बिंदु:
- यह योजना 1999 में शुरू की गई थी और 2003 में इसका नाम बदलकर दीनदयाल विकलांग पुनर्वास योजना कर दिया गया.
- यह योजना विकलांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास से संबंधित परियोजनाओं के लिए गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को वित्तीय सहायता प्रदान करती है.
- योजना के तहत, गैर-सरकारी संगठन विभिन्न प्रकार की सेवाएं प्रदान कर सकते हैं, जैसे कि प्रारंभिक हस्तक्षेप, शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, और सहायक उपकरण.
- योजना का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को सशक्त बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है.
योजना का महत्व:
- डीडीआरएस योजना दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है जो उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल होने में मदद करती है.
- यह योजना दिव्यांग व्यक्तियों के लिए समान अवसर और समानता सुनिश्चित करने में मदद करती है.
- यह योजना दिव्यांग व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने और स्वतंत्र जीवन जीने में मदद करती है.
यह योजना जयपुर, राजस्थान में भी लागू है और इसका लाभ उठाने के लिए, गैर-सरकारी संगठन myScheme.gov.in या Department of Empowerment of Persons with Disabilities (DEPwD) की वेबसाइट पर जा सकते हैं।