CJP नेताओं की ‘राजनीतिक महत्वाकांक्षा’ पर सोनम वांगचुक का बड़ा बयान, बोले— इसमें कुछ गलत नहीं

नई दिल्ली। पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके और उनकी टीम के भविष्य में राजनीति में उतरने की संभावनाओं को लेकर अहम टिप्पणी की है। वांगचुक का मानना है कि CJP के प्रमुख चेहरों में राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हो सकती हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह उनका निजी आकलन है और राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने में उन्हें कुछ भी गलत नजर नहीं आता।
वांगचुक ने पॉडकास्टर प्रखर गुप्ता के साथ बातचीत में CJP और उसके प्रमुख सदस्यों अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को लेकर अपने विचार रखे।
‘उन्होंने खुद नहीं बताया, यह मेरा आकलन है’
CJP नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के सवाल पर वांगचुक ने स्पष्ट किया कि दीपके और उनकी टीम ने उनसे व्यक्तिगत रूप से ऐसा नहीं कहा है।
वांगचुक के मुताबिक, उन्होंने आंदोलन के दौरान इन नेताओं को काफी करीब से देखा और उनके साथ मंच साझा किया। इसी अनुभव के आधार पर उनका आकलन है कि उनमें राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हो सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इसमें कुछ गलत नहीं है। देश को अच्छे और उभरते हुए युवा नेताओं की जरूरत है और यदि सामाजिक या छात्र आंदोलनों से जुड़े युवा भविष्य में राजनीति में आते हैं, तो इसे अपने आप में नकारात्मक नहीं माना जाना चाहिए।
CJP को राजनीतिक रंग देने से बचने की सलाह
वांगचुक ने CJP से जुड़े छात्र आंदोलन की स्वतंत्र पहचान बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उनके मुताबिक, उन्होंने आंदोलन से जुड़े लोगों को सलाह दी थी कि भविष्य में उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं चाहे जो हों, मौजूदा मंच को किसी राजनीतिक दल के एजेंडे से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
उनका मानना है कि आंदोलन की ताकत इसी में है कि लोग उसे भाजपा, कांग्रेस या आम आदमी पार्टी जैसे किसी राजनीतिक दल के मंच के बजाय छात्रों और नागरिकों के आंदोलन के रूप में देखें।
उन्होंने CJP को एक तटस्थ, गैर-दलीय ‘प्रेशर ग्रुप’ के रूप में काम करने की सलाह दी और कहा कि इस स्वरूप में संगठन ज्यादा प्रभावी ढंग से मुद्दों को उठा सकता है।
अभिजीत दीपके के AAP से जुड़े होने की चर्चा पर भी बोले वांगचुक
वांगचुक ने बातचीत के दौरान उन चर्चाओं का भी जिक्र किया जिनमें अभिजीत दीपके के पूर्व में आम आदमी पार्टी से जुड़े होने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल होने के दौरान कई लोगों ने उन्हें दीपके के राजनीतिक अतीत के बारे में बताया था।
लेकिन वांगचुक के अनुसार, किसी व्यक्ति का पहले किसी राजनीतिक दल के साथ काम करना अपने आप में समस्या नहीं है। असली सवाल यह है कि जिस मंच पर वह वर्तमान में काम कर रहा है, उसकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता बरकरार रहती है या नहीं।
CJP का रुख— चुनाव लड़ने की महत्वाकांक्षा से इनकार
यहां गौर करने वाली बात यह है कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके इससे पहले संगठन की चुनावी महत्वाकांक्षाओं से इनकार कर चुके हैं। CJP स्वयं को शिक्षा सुधार और सरकारी जवाबदेही जैसे मुद्दों को उठाने वाला नागरिक एवं राजनीतिक दबाव समूह बताता रहा है।
इसलिए वांगचुक की टिप्पणी को CJP की घोषित राजनीतिक योजना के बजाय उनका व्यक्तिगत आकलन माना जाना चाहिए।
आंदोलन से राजनीति तक जाएगा CJP का रास्ता?
सोनम वांगचुक के इस बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में आ सकता है कि क्या CJP भविष्य में केवल एक दबाव समूह बना रहेगा या इसके प्रमुख चेहरे सक्रिय चुनावी राजनीति की ओर बढ़ेंगे।
फिलहाल CJP नेतृत्व की ओर से चुनावी राजनीति में उतरने की कोई घोषित योजना सामने नहीं आई है। ऐसे में वांगचुक की टिप्पणी भविष्य की संभावनाओं को लेकर एक राजनीतिक आकलन भर है।





