अजमेर। कभी समाज के एक ऐसे वर्ग की आवाज़ बनने का संकल्प लिया गया, जिसे अक्सर चारदीवारी और सामाजिक उपेक्षा के बीच छोड़ दिया जाता था। यह संकल्प था वरिष्ठ पत्रकार और समाजसेवी स्व. श्री राहुल सेन का। उनकी सोच ने वर्ष 2005 में SHUBHDA का रूप लिया और समय के साथ यह प्रयास 640 से अधिक विशेष बच्चों के जीवन को छूने वाला अभियान बन गया।
स्व. राहुल सेन का मानना था कि विशेष बच्चों को दया नहीं, बल्कि सम्मान, अवसर और समाज की मुख्यधारा में बराबरी की भागीदारी की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ उन्होंने ऐसे बच्चों के पुनर्वास, प्रशिक्षण और सामाजिक समावेशन के लिए प्रयास शुरू किए।
2005 में शुरू हुआ एक सपना
SHUBHDA की स्थापना केवल एक संस्था खड़ी करने का प्रयास नहीं था। इसके पीछे उन बच्चों के लिए एक बेहतर भविष्य बनाने का सपना था, जिन्हें अपनी क्षमताएं साबित करने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते थे।
वर्षों की इस यात्रा में SHUBHDA ने 640 से अधिक विशेष बच्चों के जीवन को छुआ है। उनके प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता, सम्मान और सामाजिक भागीदारी की दिशा में किए गए प्रयास आज भी राहुल सेन के संकल्प को आगे बढ़ा रहे हैं।
इंसान चला जाता है, विचार नहीं
आज स्व. राहुल सेन की जयंती पर SHUBHDA परिवार उन्हें श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ याद कर रहा है।
उनकी अनुपस्थिति महसूस होती है, लेकिन उनके द्वारा बोया गया एक छोटा-सा बीज आज भी अनेक बच्चों और परिवारों के जीवन में उम्मीद बनकर जीवित है।
राहुल सेन आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनका सपना आज भी ज़िंदा है। उनकी सोच ज़िंदा है और उनके द्वारा शुरू किया गया सफर लगातार आगे बढ़ रहा है।
शुभदा शक्ति परिवार की ओर से संस्थापक स्व. श्री राहुल सेन जी को उनकी जयंती पर भावपूर्ण नमन।
Happy Heavenly Birthday, Late Shri Rahul Sen Ji. 🙏💙
एक सोच… एक संकल्प… और सैकड़ों ज़िंदगियों में आया बदलाव।






