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टैरिफ के बावजूद 2025 में पिछले साल से अधिक होगा भारत का निर्यात: पीयूष गोयल

 

 

 

 

 

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विश्वास जताया है कि टैरिफ जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात इस साल पिछले वित्त वर्ष के आंकड़ों को पार कर जाएगा। गुरुवार को राजधानी दिल्ली में भारत बिल्डकॉन के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार निर्यात बढ़ाने के लिए जल्द ही कई नए कदम उठाएगी।

 

“भारत न झुकेगा, न कमजोर होगा”

पीयूष गोयल ने कहा, “किसी भी प्रकार का भेदभाव भारत के 1.4 अरब नागरिकों के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को प्रभावित करता है। हम न तो झुकेंगे और न ही कभी कमजोर दिखेंगे। हम मिलकर आगे बढ़ेंगे और नए बाजारों पर कब्जा करेंगे। मुझे विश्वास है कि इस वर्ष हमारा निर्यात पिछले वर्ष से भी अधिक होगा।”

 

825 अरब डॉलर पर पहुंचा कुल निर्यात

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल निर्यात 824.9 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा, जो 2023-24 के 778.1 अरब डॉलर की तुलना में 6.01% अधिक है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में 1 ट्रिलियन डॉलर का निर्यात लक्ष्य रखा है।

 

जुलाई में बढ़ा निर्यात, अप्रैल-जुलाई में 5.23% की वृद्धि

जुलाई 2025 में कुल निर्यात 68.25 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 65.31 अरब डॉलर की तुलना में अधिक है।

 

अप्रैल-जुलाई 2025 के दौरान संचयी निर्यात (वस्तुएं और सेवाएं) 277.63 अरब डॉलर रहा, जबकि 2024 में यह 263.83 अरब डॉलर था। यानी 5.23% की वृद्धि हुई।

 

अप्रैल-जुलाई 2025 में वस्तुओं का निर्यात 149.20 अरब डॉलर रहा, जो 2024 के 144.76 अरब डॉलर से 3.07% अधिक है।

 

वैश्विक हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर

गोयल ने कहा कि वैश्विक निर्यात में भारत की हिस्सेदारी अभी भी कम है। उन्होंने उन विश्लेषकों की आलोचना की जो अमेरिकी टैरिफ को लेकर भारत के निर्यात को लेकर नकारात्मक तस्वीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था है, इसलिए अमेरिका को कम निर्यात का असर सीमित होगा।

 

व्यापार समझौते और नए कदम

मंत्री ने भरोसा जताया कि हाल ही में विभिन्न देशों के साथ हुए व्यापार समझौते और आगामी नीतिगत सुधार निर्यात में तेजी लाने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ऐसे कदम उठाएगी जिससे घरेलू बाजार की पहुंच बढ़ेगी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर बनेंगे और निर्यात नए रिकॉर्ड बनाएगा।

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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