मानसून में मेवाड़:अमरनाथ शिवलिंग जैसा झरना; अंधेत में सालभर बहता है
अंधेत, नाम जैसी डरावनी लेकिन खूबसूरत जगह। जंगल के बीच दुर्गम रास्ते, जंगली जानवरों, पक्षियों व बहती नदी की आवाजें। इन्हें पार कर जो दृश्य दिखता है, वह अदभूत है। यह जगह उदयपुर से 35 किमी दूर गोगुंदा कस्बे और वहां से करीब 10 किमी दूर है। बहुत कम लोग यहां पहुंचते हैं।

पेड़-झाड़ियों के बीच खुद रास्ता बनाना होता है। फिर झरने की आवाज सुनाई देती है। करीब 60 फीट नीचे उतरने पर आती है अंधेत की करीब 80 फीट गहरी प्राकतिक गुफा। इसमें झरना ऐसा दिखता है जैसे कि अमरनाथ का शिवलिंग बना हो। गुफा में बहुत सारे चमगादड़ लटके रहते हैं।
यहीं है साबरमती नदी उद्गम स्थल
सामबरमती नदी का उद््गम स्थल गोगुंदा के पदराड़ा गांव के पास की पहाड़ियों से है। गोगुंदा के दक्षिण पश्चिमी भाग के पहाड़ों के बीच ये पानी बहकर अंधेत से होते हुए वास, ओगणा, पानरवा होते हुए कोटड़ा से गुजरात जाता है। स्थानीय लोग इसे वाकल नदी कहते हैं।
पहुंचने के दो रास्ते
गोगुंदा से 5 किमी दूर मोटिवाड़ा गांव से नदी में होकर करीब 3 किमी पानी में ट्रैक करते हुए यहां पहुंचा जा सकता है।
मोटिवाड़ा गांव से ददिया गांव के एकलव्य आवासीय विद्यालय के पास से है। यहां से करीब दो किमी कच्चा रास्ता है, फिर 1 किमी जंगल में ट्रैकिंग कर पहुंच सकते हैं।