कितनी डेंजरस है ये बीमारी, जिससे जूझ रहीं बॉलीवुड एक्ट्रेस इलियाना डिक्रूज, ये हैं लक्षण और बचाव
बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर एक मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्या है, इंसा अपने शरीर के किसी एक या अधिक हिस्सों के बारे में बहुत ज्यादा चिंतित रहता है.
क्या आप भी अपनी बॉडी के किसी एक या अधिक हिस्सों के बारें में बहुत ज्यादा चिंतित रहते हैं. अगर हां तो सावधान हो जाइए, क्योंकि इसका असर आपकी जिंदगी को प्रभावित कर सकता है. यह एक तरह की मानसिक समस्या है, जिसे बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर (BDD) कहा जाता है.

कई बार तो इसका निगेटिव असर डेली की रुटीन पर भी पड़ने लगता है. एक्ट्रेस इलियाना डिक्रुज (Ileana D Cruz) भी इस समस्या से जूझ रही हैं .फिटनेस को लेकर एक्टिव रहने वाली इलियाना ने एक इंटरव्यू में अपनी इस बीमारी का खुलासा किया है. आइए जानते हैं इस बीमारी के बारें में…
उन्होंने कहा: “मैं हमेशा से ही बहुत आत्म-सचेत थी और मेरे शरीर के प्रकार को लेकर मुझे चिढ़ाया जाता था। मैं हर समय उदास और निराश महसूस करती थी, लेकिन जब तक मुझे मदद नहीं मिली, मुझे पता ही नहीं चला कि मैं अवसाद और बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर से पीड़ित हूँ। मैं बस यही चाहती थी कि सब मुझे स्वीकार करें।
एक समय तो मेरे मन में आत्महत्या के विचार भी आए और मैं सब कुछ खत्म करना चाहता था। हालाँकि, जब मैंने खुद को और अपनी परिस्थितियों को स्वीकार किया, तो सब कुछ बदल गया। मुझे लगता है कि अवसाद से लड़ने की दिशा में यही पहला कदम है।”

‘बर्फी’ और ‘रुस्तम’ की अभिनेत्री ने कहा कि अवसाद ‘वास्तविक’ है और लोगों को मदद लेने से नहीं कतराना चाहिए।
“यह आपके मस्तिष्क में एक रासायनिक असंतुलन है, और इसका इलाज ज़रूरी है। यह सोचकर आराम से मत बैठिए कि सब ठीक हो जाएगा, बल्कि मदद लीजिए। जैसे मोच आने पर आप जाँच करवाएँ, वैसे ही अगर आपको अवसाद है, तो मदद लीजिए,” उन्होंने लोगों से विनी द पूह जैसा बनने का आग्रह करते हुए कहा। “वह क्रॉप टॉप पहनता था, दिन भर अपना पसंदीदा खाना खाता था और खुद से प्यार करता था, आप भी ऐसा कर सकते हैं।”
बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर क्या है ?
यह एक जेनेटिक डिसऑर्डर है. इसमें शरीर के किसी अंग की बनावट में अंतर हो सकता है. जिसकी बार-बार चिंता होती रहती है. ल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कई बार किसी के चेहरे पर दाग-धब्बे या किसी की नाक बड़ी या ज्यादा मोटापा होता है. इसे लेकर असहज रहना और जरूरत से ज्यादा चिंता करना ही बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर होता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक मनोवैज्ञानिक स्थिति (psychological condition) है जिसमें व्यक्ति अपने शरीर में खामियां ढूंढता है. इससे जूझ रहे लोगों की बनावट कितनी ही बेहतर क्यों न हो लेकिन वे खुद में खूबियों की बजाए हमेशा कमियां खोजते हैं. इससे पीड़ित रोगी अपनी शारीरिक बनावट या अपनी त्वचा में बहुत असहज महसूस करता है. ऐसा ही फील इलियाना करती थीं. इस बात का खुलासा उन्होंने अपनी एक लंबी पोस्ट में किया था.
बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर के क्या लक्षण हैं ?
- शरीर के किसी अंग को लेकर असहज होना.
- खुद की तुलना दूसरों से करना.
- नकारात्मक सोच
- चेहरे को ढ़कने की आदत
- अकेले रहना
- शीशा देखना भी पसंद न आना
- बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर के कारण:
- आनुवंशिक
- दिमाग की रसायनिक असंतुलन
- मानसिक तनाव
- सामाजिक दबाव
- मीडिया इफेक्ट
बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर से बचने के उपाय
- अकेले न रहें, लोगों के साथ समय बिताएं.
- नकारात्मक सोच से दूर रहें.
- लोगों से अपनी तुलना न करें.
- अपनी अच्छी आदतों के बारें में ही सोचें.
- पसंदीदा इंसान या एक्टिविटीज के साथ समय बिताएं.
- खुद को स्वीकार करें.
- बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर का इलाज
- कॉग्निटिव-बिहेवियरल थेरेपी (सीबीटी)
- दवाएं (एंटीडिप्रेसेंट्स)
- अपनों की मदद लें
- खुद की मदद करें
Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.





