देश में पहली बार मौसम को बदलने का साहसिक प्रयोग कल 12 अगस्त को रामगढ़ में होने जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत ड्रोन-आधारित क्लाउड सीडिंग पायलट ऑपरेशन चलाया जाएगा, जिसका नेतृत्व GenXAI — एक उन्नत क्लाउड एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म और अग्रणी भारतीय प्रौद्योगिकी कंपनी — कर रही है। यह कंपनी दुनियाभर में AI और GenAI तकनीक के साथ उद्योगों में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है और गर्व से मेक इन इंडिया पहल से जुड़ी हुई है।
इस परियोजना में Accel1, एक अग्रणी जलवायु प्रौद्योगिकी कंपनी, साझेदार के रूप में शामिल है। दोनों कंपनियों का उद्देश्य—पानी की कमी से जूझते क्षेत्रों में कृत्रिम बारिश की मदद से राहत पहुंचाना—जल प्रबंधन और कृषि के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत करना है।
12 अगस्त को आसमान में उड़ते ड्रोन, बादलों के भीतर विशेष रसायनों का छिड़काव करेंगे, जिससे कृत्रिम बारिश होगी। यह प्रयोग न केवल भारत में पहली बार हो रहा है, बल्कि मौसम विज्ञान और तकनीक के संगम का एक रोमांचक उदाहरण भी है।
रामगढ़ के निवासियों और पूरे देश की निगाहें अब इस ऐतिहासिक पल पर टिकी हैं, जब मशीनें बादलों को बरसने पर मजबूर करेंगी। क्या यह प्रयोग सफल होगा? इसका जवाब कल आसमान से बरसती बूंदों में मि
लेगा।