भजनलाल सरकार का दिव्यांग दंपतियों को तोहफा, मिलेंगे 5 लाख रुपये तक, जानिए कैसे उठाएं लाभ.

राजस्थान की भजनलाल सरकार ने दिव्यांग दंपतियों के लिए ‘सुखद दाम्पत्य जीवन योजना’ शुरू की है। इसमें दिव्यांग दंपति को 50 हजार से 5 लाख रुपये तक की अनुदान सहायता दी जाती है। आवेदन के लिए विवाह के छह माह के भीतर और वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।
- राजस्थान की भजनलाल सरकार ने दिव्यांगों के लिए शुरू की ‘सुखद दाम्पत्य जीवन’ योजना
- पति-पत्नी दोनों दिव्यांग या उनमें से एक के दिव्यांग होने परउठा सकते हैं योजना का लाभ
- दिव्यांग दंपति को 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक की अनुदान सहायता दी जाएगी
- योजना के लाभ के लिए शादी के 6 माह के भीतर करना होगा आवेदन
राजस्थान सरकार की नई योजना। विशेष योग्यजनों का सुखी एवं संपन्न जीवन सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान सरकार के विशेष योग्यजन निदेशालय द्वारा सुखद दाम्पत्य जीवन योजना का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने बताया कि ऐसे युवक/युवती जिसमें दोनों के दिव्यांग हो या दोनों में से एक दिव्यांग है उनको मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर सुखद दाम्पत्य योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। जयपुर जिला कलक्टर ने बताया कि योजना के तहत सुखद दाम्पत्य जीवन व्यतीत करने के लिए 40 प्रतिशत एवं अधिक दिव्यांग वाले विशेष योग्यजनों को प्रति दम्पत्ति 50 हजार रुपए तथा 80 प्रतिशत एवं उससे अधिक दिव्यांगता वाले विशेष योग्यजनों को प्रति दम्पत्ति 5 लाख रुपए की अनुदान सहायता दी जाती है।
राजस्थान की भजनलाल सरकार ने दिव्यांगों के लिए एक योजना शुरू की है। पति -पत्नी दोनों दिव्यांग या किसी एक के दिव्यांग होने की स्थिति में इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना में दिव्यांग दंपति को 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक की अनुदान सहायता दी जाती है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रकार की एक योजना 2017-18 से संचालित थी। तब उस दौरान हजारों की सहायता की मिलती थी। योजना का नाम भी अलग था, लेकिन अब इसमें राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार ने ‘सुखद दाम्पत्य जीवन योजना’ नाम से स्कीम को लॉन्च कर सहायता राशि में लाखों तक की बढ़ोतरी की है।
आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग विशेष योग्यजनों की आर्थिक सहायता
झुंझुनूं जिला कलेक्टर रामावतार मीणा के अनुसार, सुखद दाम्पत्य जीवन योजना के नाम से संचालित इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग विशेष योग्यजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना सरकार का मुख्य लक्ष्य है। ताकि विशेष योग्यजनों सुखी एवं संपन्न जीवन की राह में आर्थिक बाधा दूर हो सके और आर्थिक एवं सामाजिक रूप से जीवन स्तर सुधारने में सहायता मिल सकें।
दिव्यांगता के प्रतिशत के आधार पर सहायता राशि
इधर, झुंझुनूं जिला कलेक्टर रामावतार मीणा के मुताबिक, योजना के तहत सुखद दाम्पत्य जीवन व्यतीत करने के लिए 40 प्रतिशत एवं अधिक दिव्यांग वाले विशेष योग्यजनों को प्रति दम्पत्ति 50 हजार रुपये, 80 प्रतिशत एवं उससे अधिक दिव्यांगता वाले विशेष योग्यजनों को प्रति दम्पत्ति 5 लाख रुपये की अनुदान सहायता दी जाती है। कलेक्टर ने दिव्यांग दंपति से अपील की है कि वे आवेदन कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की दिव्यांगों को मजबूती प्रदान करने वाली योजना का लाभ उठाएं।
कलेक्टर ने बताया कि इस योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए विभागीय वेवसाइट dsap.rajasthan.gov.in या प्रत्येक पंचायत समिति कार्यालय अथवा जिला कार्यालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में सम्पर्क कर सकते हंै।
दोनों के दिव्यांग हो या एक के दिव्यांग होने पर योजना का लाभ
समाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की उप निदेशक प्रियंका पारीक के मुताबिक, ऐसे युवक एवं युवती जिसमें दोनों के दिव्यांग हो या दोनों में से एक दिव्यांग है, वे योजना का लाभ उठा सकते हैं। बताया गया कि भजनलाल सरकार के विशेष योग्यजन निदेशालय की ओर से सुखद दांपत्य जीवन योजना का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
शादी के छह माह के भीतर करना होगा आवेदन
उन्होंने बताया कि आवेदन के लिए परिवार की समस्त स्रोतों से वार्षिक 2.5 लाख तक की आय वाले युवक एवं युवती विवाह के 6 माह के भीतर आवेदन करना होगा। आवेदन ई-मित्र या sso.rajasthan.gov.in के SJMS DSAP के माध्यम से होना चाहिए। आवेदन के वक्त दस्तावेज नि:शक्तता प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, वर-वधु के माता-पिता के शपथ-पत्र, पूर्व में अनुदान राशि प्राप्त नहीं करने का शपथ-पत्र देना होगा। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र युवक एवं युवती को राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए।