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₹90000 तक लोन… वो भी बिना गारंटी, सरकार ने 2030 बढ़ा दी है इस स्कीम की डेडलाइन

PM Svanidhi Yojna: पीएम स्वनिधि योजना की डेडलाइन बढ़ी, अब 2030 तक मिलेगा बिना गारंटी लोन

पीएम स्वनिधि योजना की डेडलाइन 2030 तक बढ़ा दी गई है। अब तक 68 लाख रेहड़ी-पटरी वाले लाभांवित हुए हैं। सरकार 7,332 करोड़ खर्च कर 1.15 करोड़ लोगों को फायदा देगी। पहली किस्त 15 हजार, दूसरी 25 हजार और तीसरी 50 हजार लोन बिना गारंटी मिलेगा।

 केंद्र सरकार ने रेहड़ी-पटरी और छोटी दुकान चलाने वालों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि योजना की समय सीमा बढ़ा दी है। यह योजना अब 31 मार्च 2030 तक लागू रहेगी। इसके लिए सरकार 7,332 करोड़ रुपये खर्च करेगी। अनुमान है कि योजना से करीब 1.15 करोड़ लोगों को लाभ मिलेगा, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी भी शामिल होंगे।

पीएम स्वनिधि योजना 1 जून 2020 को शुरू की गई थी। यह एक माइक्रो क्रेडिट योजना है, जिसके तहत स्ट्रीट वेंडरों को बिना गारंटी के आसान शर्तों पर लोन उपलब्ध कराया जाता है। योजना की शुरुआत में तीन चरणों में अधिकतम 80,000 रुपये तक का लोन दिया जाता था। अब इसमें सुधार करते हुए अधिकतम सीमा 90,000 रुपये कर दी गई है। पहली किस्त का लोन 10,000 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये और दूसरी किस्त 20,000 से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है। तीसरी किस्त पहले की तरह 50,000 रुपये की ही रहेगी।

अब तक 68 लाख लोग लोन ले चुके

अब तक देश भर में 68 लाख से ज्यादा रेहड़ी-पटरी वाले, फल-सब्जी बेचने वाले, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दुकान चलाने वाले लाभार्थी इस योजना से लोन ले चुके हैं। इनमें महिला और पुरुष दोनों शामिल हैं। योजना का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को सशक्त बनाना और उनके व्यवसाय को स्थिरता प्रदान करना है।

मिलेगा यूपीआई-लिंक्ड रूपे क्रेडिट कार्ड

डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इसमें नई सुविधा जोड़ी है। जो लाभार्थी समय पर दूसरी किस्त चुका देंगे, उन्हें यूपीआई-लिंक्ड रूपे क्रेडिट कार्ड दिया जाएगा। इसके जरिए वे जरूरत पड़ने पर तुरंत धनराशि निकाल सकेंगे। इसके साथ ही खुदरा और थोक लेन-देन पर 1,600 रुपये तक का डिजिटल कैशबैक भी मिलेगा।

कहां मिलेगा लोन

योजना के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, स्मॉल फाइनेंस बैंक, सहकारी बैंक, एनबीएफसी, माइक्रो फाइनेंस संस्थान और एसएचजी बैंक लोन उपलब्ध कराते हैं। इसका इंप्लीमेंटेशन पार्टनर भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) है। लोन पाने के लिए आधार कार्ड और वोटर आईडी अनिवार्य दस्तावेज हैं, जबकि पैन कार्ड, मनरेगा कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी मान्य केवाईसी में शामिल हैं।

वेंडरों को दी गई ट्रेनिंग

इस बीच उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और मैनपुरी में आयोजित लोक कल्याण मेलों में स्ट्रीट फूड वेंडरों को ट्रेनिंग दी गई। 17 सितंबर से शुरू हुआ यह मेला 2 अक्टूबर तक चलेगा। पीएम मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस मेले में वेंडरों को योजना का लाभ लेने और डिजिटल भुगतान की जानकारी दी जा रही है। इस तरह पीएम स्वनिधि योजना न केवल छोटे कारोबारियों को आर्थिक आधार दे रही है, बल्कि उन्हें डिजिटल इंडिया की दिशा में भी सशक्त बना रही है।

31 मार्च 2030 तक मिलेगा फायदा

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के विस्तार और पुनर्गठन को मंजूरी दे दी है, जो करोड़ों रेहड़ी-पटरी वालो और छोटे विक्रेताओं के लिए बड़ी राहत भरा कदम है. रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार के इस
फैसले से 1.15 करोड़ रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिलेगा, जिनमें 50 लाख नए लाभार्थी भी शामिल हैं. आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के साथ वित्त सेवा विभाग द्वारा इसका संचालन 31 मार्च 2030 तक जारी रहेगा. इस फैसले से सरकारी खजाने पर 7,332 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय आएगा.
SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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