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राजस्थान में 1 करोड़ बच्चों का आधार अपडेट क्यों फेल, जानें तथ्य

राजस्थान में 1-करोड़ बच्चों के आधार स्कूलों में अपडेट होंगे:माता-पिता के आधार से लिंक होगा; जानिए, क्यों है जरूरी

राजस्थान में 1 करोड़ से ज्यादा बच्चों का आधार अपडेट होगा। छोटे बच्चों के आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने की धीमी गति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया। माता-पिता के आधार और अन्य पहचान पत्र को इससे लिंक किया जाएगा।

यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) बच्चों के आधार कार्ड को अपडेट करने के लिए स्कूलों में अभियान शुरू करने करने की प्लानिंग कर रही है। देशभर में 5 साल से ऊपर के लगभग 7 करोड़ बच्चों के आधार में बायोमेट्रिक डेटा (उंगलियों के निशान, आंखों की स्कैनिंग और फोटो) अपडेट किया जाएगा।

यह काम स्कूलों में माता-पिता की सहमति से होगा। ये अभियान 2 महीने के अंदर शुरू किया जा सकता है। यहां सवाल जवाब में समझें कैसे होगी स्कूलों में आधार कार्ड अपडेट की प्रक्रिया….

 

1. UIDAI बच्चों का आधार क्यों अपडेट कर रहा है?

जवाब: 5 साल से कम उम्र में बच्चों का आधार बिना बायोमेट्रिक के बनता है। 5 साल के बाद उंगलियों के निशान, आंखों की स्कैनिंग और फोटो अपडेट करना जरूरी है। अगर यह नहीं होता, तो आधार निष्क्रिय हो सकता है। इससे स्कूल एडमिशन, स्कॉलरशिप या सरकारी योजनाओं में दिक्कत हो सकती है।

2. स्कूलों में आधार अपडेट की प्रक्रिया क्या होगी?

जवाब: UIDAI हर जिले में बायोमेट्रिक मशीनें भेजेगा, जो स्कूल-स्कूल जाकर बच्चों का डेटा अपडेट करेंगी। माता-पिता की सहमति से बच्चों के फिंगरप्रिंट, आंखों की स्कैनिंग और फोटो लिए जाएंगे। यह अभियान दो महीने बाद शुरू होगा और धीरे-धीरे सभी स्कूलों में पहुंचेगा। 15 साल की उम्र में एक और अपडेट करना होगा।

3. क्या आधार अपडेट के लिए पैसे देने होंगे?

जवाब: 5 से 7 साल की उम्र के बच्चों का आधार अपडेट मुफ्त है। अगर बच्चा 7 साल से बड़ा है, तो 100 रुपए शुल्क देना होगा। समय पर अपडेट न करने से आधार निष्क्रिय हो सकता है, जिससे कई सुविधाएं रुक सकती हैं।

4. आधार अपडेट कराना क्यों जरूरी ?

जवाब: अपडेटेड आधार से स्कूल एडमिशन, स्कॉलरशिप, एग्जाम रजिस्ट्रेशन और सरकारी योजनाओं का फायदा आसानी से मिलेगा। UIDAI का कहना है कि सही बायोमेट्रिक डेटा होने से बच्चों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और अन्य सुविधाएं समय पर मिलेंगी। स्कूलों के जरिए यह काम तेज और आसान होगा।

आधार से KYC और आसान होगी

इसके अलावा UIDAI) आधार कार्ड से होने वाली KYC (नो योर कस्टमर) को और आसान, सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली बनाने की प्लानिंग है। नए बदलावों के बाद आपको बैंक, होटल अन्य सर्विसेज में आधार नंबर या पर्सनल डिटेल्स शेयर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

1. आधार KYC में क्या बदलाव होगा?

जवाब: UIDAI ऑफलाइन आधार KYC को आसान और सुरक्षित बना रहा है। अब आपको KYC के लिए आधार नंबर या पर्सनल डिटेल्स शेयर नहीं करनी होंगी। QR कोड और PDF फॉर्मेट का इस्तेमाल होगा, जिससे प्राइवेसी बढ़ेगी और प्रोसेस आसान होगा। बायोमेट्रिक या OTP की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।

2. ये नया सिस्टम कैसे काम करेगा?

जवाब: UIDAI जो QR कोड और PDF फॉर्मेट ला रहा है, उसमें आप अपने फोन या कंप्यूटर से आधार का QR कोड या PDF शेयर कर सकेंगे। ये डिजिटल फॉर्मेट आसान और सुरक्षित होगा और सर्विस प्रोवाइडर इसे स्कैन करके आपकी पहचान चेक कर सकेंगे।

3. इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा?

जवाब: यह सिस्टम प्राइवेसी को बढ़ाएगा, क्योंकि इसमें आधार नंबर शेयर नहीं करना पड़ेगा। खासकर गांवों या दूरदराज के इलाकों में, जहां बायोमेट्रिक या OTP की सुविधा मुश्किल होती है, वहां KYC आसान हो जाएगी। बैंक, फिनटेक और इंश्योरेंस कंपनियां इसे जल्दी अपनाएंगी, जिससे अकाउंट खोलना या सर्विस लेना तेज होगा।

4. पुराने KYC सिस्टम में क्या परेशानी थी?

जवाब: पहले कई स्टार्टअप्स गैर-कानूनी तरीके से ऑफलाइन KYC कर रहे थे, जिससे डेटा लीक का खतरा था। फिनटेक और नॉन-बैंकिंग कंपनियों को KYC में देरी का सामना करना पड़ता था।

SHUBHDA SHAKTI
Author: SHUBHDA SHAKTI

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