Toggle Test

“आंखों की साधना या आत्मा का दरवाज़ा? जानिए इसका खतरनाक सच”

 

 

 

“आंखों की देर तक की गई तपस्या” का मतलब अगर आप एकटक ध्यान से देखने या त्राटक साधना जैसी किसी साधना से ले रहे हैं, तो इसका गहरा योगिक और मानसिक महत्व है।

 

त्राटक साधना क्या है?

 

त्राटक (Trataka) योग की एक ध्यान विधि है जिसमें साधक बिना पलक झपकाए किसी एक बिंदु या दीपक की लौ को लगातार देखता है। यह नेत्रों की तपस्या के रूप में जानी जाती है और इसका वर्णन हठयोग प्रदीपिका जैसे योग ग्रंथों में भी मिलता है।

 

 

—

 

आंखों की तपस्या (त्राटक) से जागने वाली शक्तियां:

 

1. एकाग्रता (Concentration Power):

 

मन को एक बिंदु पर स्थिर रखने की शक्ति बढ़ती है।

 

पढ़ाई या कार्य में फोकस में सुधार आता है।

 

 

 

2. आत्मनिरीक्षण और आंतरिक दृष्टि (Inner Vision):

 

धीरे-धीरे साधक अपनी आंतरिक चेतना से जुड़ने लगता है।

 

अंतर्मन के विचार स्पष्ट होते हैं।

 

 

 

3. तीसरी आंख (आज्ञा चक्र) की सक्रियता:

 

त्राटक आज्ञा चक्र (भ्रूमध्य के बीच) को सक्रिय करने में मदद करता है।

 

इससे अंतर्ज्ञान (Intuition), दूरदृष्टि (Clairvoyance), और पूर्वाभास की शक्तियां विकसित हो सकती हैं।

 

 

 

4. नेत्रज्योति में वृद्धि:

 

आंखों की रोशनी बढ़ती है, नेत्र रोगों में लाभ होता है।

 

 

 

5. नींद और विचार नियंत्रण:

 

नींद की गुणवत्ता सुधरती है और अनावश्यक विचारों पर नियंत्रण आता है।

 

 

 

6. भय और मनोबल की समस्या से मुक्ति:

 

डर, शंका, बेचैनी जैसी मानसिक समस्याएं कम होती हैं।

 

 

 

 

 

—

 

सावधानी:

 

त्राटक को धीरे-धीरे और नियमित अभ्यास से करना चाहिए।

 

शुरुआत में सिर्फ 1-2 मिनट ही करें।

 

बिना किसी मार्गदर्शक के ज्यादा देर तक न करें, नहीं तो आंखों पर दुष्प्रभाव भी हो सकता है।

sshakti
Author: sshakti

Leave a Comment

और पढ़ें

दिल्ली में ऋतु बराला से कथित मारपीट का मामला गरमाया, जयपुर में जीरो एफआईआर की मांग पर रातभर डटे कांग्रेस नेता; अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा, पुलिस ने दिल्ली में पहले से केस दर्ज होने का दिया हवाला।

दिल्ली में ऋतु बराला से कथित मारपीट का मामला गरमाया, जयपुर में जीरो एफआईआर की मांग पर रातभर डटे कांग्रेस नेता; अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा, पुलिस ने दिल्ली में पहले से केस दर्ज होने का दिया हवाला।