सड़कों पर अनियंत्रित गति से दौड़ते ई-रिक्शा और ई-कार्ट्स की सुरक्षा और संचालन को लेकर केंद्र सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इन वाहनों की अधिकतम गति और बैटरी मानकों को लेकर एक ड्राफ्ट अधिसूचना जारी की है। इसके तहत ई-रिक्शा और ई-कार्ट्स की टॉप स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे नए नियम
मंत्रालय द्वारा जारी प्रस्ताव के अनुसार, यह स्पीड लिमिट 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू की जाएगी। सरकार का मानना है कि स्पीड पर नियंत्रण से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ट्रैफिक प्रबंधन अधिक प्रभावी हो सकेगा। फिलहाल इस ड्राफ्ट पर 30 दिनों के भीतर सभी हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं।
बैटरी मानकों में भी होगा बड़ा बदलाव
सिर्फ गति ही नहीं, सरकार अब बैटरियों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर भी कठोर नियम लागू करने की तैयारी में है। प्रस्ताव के मुताबिक, 1 अप्रैल 2027 से सभी ई-रिक्शा और ई-कार्ट्स में केवल लीथियम आयन बैटरियों का उपयोग अनिवार्य होगा।
इसके अलावा, बैटरी निर्माण की पूरी वैल्यू चेन—जैसे कि असेंबली प्रक्रिया, उत्पादन इकाइयाँ और उनकी गुणवत्ता जांच—का सर्टिफिकेशन और नियमित ऑडिट भी आवश्यक कर दिया जाएगा।
उद्देश्य: सुरक्षा, गुणवत्ता और ई-मोबिलिटी का सतत विकास
सरकार का यह प्रयास सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने, बैटरियों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और ई-वाहनों के संचालन को व्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इन नए नियमों के ज़रिए सरकार ई-मोबिलिटी को एक सुरक्षित और टिकाऊ परिवहन विकल्प बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।