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दिल्ली में ऋतु बराला से कथित मारपीट का मामला गरमाया, जयपुर में जीरो एफआईआर की मांग पर रातभर डटे कांग्रेस नेता; अशोक गहलोत ने सरकार को घेरा, पुलिस ने दिल्ली में पहले से केस दर्ज होने का दिया हवाला।

ऋतु बराला को न्याय की मांग पर राजस्थान में सियासी घमासान, रातभर धरने पर बैठे डोटासरा!

दिल्ली में कथित मारपीट का मामला जयपुर तक पहुंचा; जीरो एफआईआर की मांग पर अड़ी कांग्रेस, अशोक गहलोत ने उठाए सवाल, पुलिस ने दिल्ली में पहले से दर्ज मामले का दिया हवाला

शुभदा शक्ति न्यूज़। दिल्ली में एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव ऋतु बराला के साथ कथित मारपीट का मामला राजस्थान में बड़े राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार रात पुलिस कमिश्नरेट में धरना दिया। मंगलवार को भी विरोध जारी रहने की जानकारी सामने आई है। कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन पर शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है, जबकि जयपुर पुलिस का कहना है कि संबंधित घटना की शिकायत दिल्ली में पहले से दर्ज है और जांच चल रही है।

दिल्ली में क्या हुआ था ऋतु बराला के साथ?

मामले की शुरुआत 13 अक्टूबर को दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन से हुई। इस दौरान ऋतु बराला और महिला पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हुआ था। बराला ने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, कथित मारपीट के आरोपों की जांच अभी जारी है और इन्हें साबित तथ्य नहीं माना जा सकता।

जयपुर में जीरो एफआईआर पर क्यों अड़ी कांग्रेस?

ऋतु बराला ने 19 अक्टूबर को जयपुर के मोती डूंगरी थाने में शिकायत दी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि पुलिस उनकी शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज कर उसे दिल्ली पुलिस को भेजे। कांग्रेस का तर्क है कि किसी भी पीड़ित को शिकायत दर्ज कराने का अधिकार है और पुलिस को उसकी शिकायत पर कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

रातभर पुलिस कमिश्नरेट में डटे रहे डोटासरा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास सहित कई कांग्रेस नेता जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे। जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग पूरी नहीं होने पर नेताओं ने वहीं धरना शुरू कर दिया। सोमवार रातभर कांग्रेस नेता पुलिस कमिश्नरेट परिसर में डटे रहे। मंगलवार को भी विरोध जारी रहने की खबर सामने आई। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है।

जयपुर पुलिस ने क्यों नहीं दर्ज की जीरो एफआईआर?

जयपुर पुलिस के अनुसार, संबंधित घटना को लेकर दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में पहले से केस नंबर 291/2026 दर्ज है और मामले की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। पुलिस ने इसी आधार पर समान तथ्यों पर अलग से जीरो एफआईआर दर्ज नहीं करने का तर्क दिया है। हालांकि, किसी शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने का प्रश्न संबंधित तथ्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर तय होता है।

अशोक गहलोत ने सरकार और पुलिस से पूछे सवाल

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को प्रदेशभर में तेज किया जाएगा और इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।

अब दिल्ली की जांच और जयपुर पुलिस के फैसले पर नजर

इस पूरे विवाद में अब दो अहम सवाल हैं। पहला, जयपुर में दी गई शिकायत पर पुलिस आगे क्या कानूनी कदम उठाएगी और दूसरा, दिल्ली में चल रही जांच में क्या निष्कर्ष सामने आएंगे। फिलहाल कांग्रेस जीरो एफआईआर की मांग पर अड़ी है, जबकि जयपुर पुलिस पहले से दर्ज दिल्ली के मामले का हवाला दे रही है। ऋतु बराला के आरोपों की सत्यता और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

शुभदा शक्ति न्यूज़ | www.sshakti.in

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Author: sshakti

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