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जी,सुना क्या ?? “स्वस्थ नारी, सशक्त भारत ! अजमेर से 10 हजार महिलाओं की सेहत संवारने का संकल्प”

स्वस्थ महिला से स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज से सशक्त राष्ट्र की ओर बड़ा कदम!

अजमेर में ‘DOC & TALK’ ने खोली महिला स्वास्थ्य पर बेबाक संवाद की राह, एक साल में 10 हजार से अधिक महिलाओं को जागरूक करने का संकल्प

किशोरावस्था से मेनोपॉज तक के बदलावों पर विशेषज्ञों ने दूर की भ्रांतियां, PCOD-PCOS, फर्टिलिटी और हार्मोनल समस्याओं पर महिलाओं ने खुलकर पूछे सवाल

शुभदा शक्ति न्यूज़ | अजमेर, 13 अक्टूबर 2026

एक महिला का स्वस्थ होना केवल उसकी व्यक्तिगत जरूरत नहीं, बल्कि पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र की मजबूती का आधार है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए अजमेर में महिला स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस को लेकर एक अनूठी पहल की गई। Re-a-Nnex Gym Institute® की ओर से स्काई ग्रिल में आयोजित ‘DOC & TALK – At the Table with Dietitian Nandita’ कार्यक्रम में महिलाओं ने अपनी सेहत से जुड़े उन सवालों पर खुलकर बातचीत की, जिन्हें अक्सर संकोच, झिझक या जानकारी के अभाव में नजरअंदाज कर दिया जाता है।

कार्यक्रम की खास बात यह रही कि यहां केवल स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि महिलाओं को विशेषज्ञों से सीधे सवाल पूछने और अपनी शंकाओं का समाधान पाने का अवसर भी मिला।

किशोरावस्था से मेनोपॉज तक, हर उम्र की महिला की सेहत पर चर्चा

कार्यक्रम की मेजबानी Re-a-Nnex की संस्थापक एवं निदेशक डाइटिशियन नंदिता ने की। मुख्य विशेषज्ञ के रूप में प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकुल चौहान ने महिलाओं के शारीरिक, मानसिक और हार्मोनल स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी साझा की।

चर्चा में किशोरावस्था, मासिक धर्म की अनियमितताओं, PCOD/PCOS, प्रजनन क्षमता, हार्मोनल बदलाव, पेरिमेनोपॉज और मेनोपॉज जैसे विषय प्रमुख रहे।

विशेषज्ञों ने इन समस्याओं के प्रति जागरूकता, समय पर चिकित्सकीय परामर्श, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक स्वास्थ्य जानकारियों से सावधान रहने का संदेश भी दिया गया।

सवालों ने तोड़ी झिझक, खुलकर सामने आईं स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाएं

‘DOC & TALK’ की सबसे बड़ी विशेषता इसका संवादात्मक स्वरूप रहा। डाइटिशियन नंदिता और डॉ. मुकुल चौहान के बीच पॉडकास्ट शैली में हुई चर्चा ने जटिल चिकित्सा विषयों को आम महिलाओं के लिए सरल और समझने योग्य बनाया।

खुले प्रश्नोत्तर सत्र में उपस्थित महिलाओं ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी जिज्ञासाएं विशेषज्ञ के सामने रखीं। इस संवाद ने महिला स्वास्थ्य से जुड़े उन मुद्दों को भी चर्चा के केंद्र में लाया, जिन पर सामान्यतः खुलकर बात नहीं की जाती।

एक साल में 10 हजार महिलाओं को जागरूक करने का लक्ष्य

कार्यक्रम के दौरान डाइटिशियन नंदिता ने महिला स्वास्थ्य जागरूकता को जनअभियान का रूप देने का संकल्प व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य एक वर्ष में 10 हजार से अधिक महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। क्योंकि जब एक महिला स्वस्थ होती है, तो उसका परिवार स्वस्थ होता है। स्वस्थ परिवार से स्वस्थ समाज बनता है और स्वस्थ समाज ही स्वस्थ एवं सशक्त राष्ट्र की नींव रखता है।”

उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने शरीर में होने वाले बदलावों को समझना चाहिए और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर संकोच करने के बजाय सही जानकारी तथा विशेषज्ञों की सलाह लेनी चाहिए।

ज्ञान के साथ मनोरंजन, विजेताओं को मिले पुरस्कार

कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक होने के साथ रोचक बनाने के लिए रैपिड-फायर राउंड, लकी ड्रॉ और डॉट गेम जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए। स्काई ग्रिल की ओर से प्रतिभागियों को गिफ्ट कार्ड और डिस्काउंट कूपन भी दिए गए।

इन गतिविधियों ने स्वास्थ्य जागरूकता के गंभीर विषय को सहज, उत्साहपूर्ण और सहभागितापूर्ण माहौल में प्रस्तुत किया।

सवाल पूछना कमजोरी नहीं, जागरूकता की पहली सीढ़ी

‘Come with Questions. Leave with Clarity’ यानी ‘सवालों के साथ आएं और स्पष्टता लेकर जाएं’ कार्यक्रम का केंद्रीय संदेश रहा।

आयोजन ने यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि महिलाओं की सेहत को केवल बीमारी होने पर याद करने के बजाय नियमित संवाद, सही पोषण, स्वास्थ्य जांच और जागरूक जीवनशैली का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

Re-a-Nnex Gym Institute® ने भविष्य में भी स्वास्थ्य, पोषण और फिटनेस से जुड़े ऐसे संवादात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई।

शुभदा शक्ति का दृष्टिकोण: स्वस्थ नारी, सशक्त समाज!

महिला स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं, सामाजिक सशक्तिकरण की बुनियाद है। शुभदा शक्ति का मानना है कि दिव्यांग महिलाओं सहित हर महिला को स्वास्थ्य, सम्मान और सही जानकारी का समान अधिकार मिले। जब हर नारी स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर होगी, तभी सशक्त और समावेशी भारत बनेगा।

 

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

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