AI पर नियम 99% कंपनियों में, फिर भी 84% ने देखी ‘डेटा सीमा’ टूटती: क्या सुविधा के साथ बढ़ रहा Privacy Risk?

नई रिपोर्ट ने उठाया बड़ा सवाल—AI को संवेदनशील डेटा तक कितनी पहुंच मिलनी चाहिए?
नई दिल्ली / अजमेर । Artificial Intelligence तेजी से भारतीय कंपनियों के रोजमर्रा के काम का हिस्सा बन रहा है, लेकिन इसके साथ Data Privacy और Security को लेकर एक महत्वपूर्ण चुनौती भी सामने आ रही है। Identity-security company Delinea की नई 2026 Identity Security Report: The AI Enforcement Gap के मुताबिक सर्वे में शामिल 99% भारतीय संगठनों ने कहा कि उनके पास AI tools और agents किस डेटा तक पहुंच सकते हैं, इसे नियंत्रित करने वाली formal policy मौजूद है। इसके बावजूद 84% respondents ने बताया कि पिछले एक साल में AI tool या agent ने sensitive data को उसके intended scope से बाहर access किया।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आंकड़े Delinea के survey में शामिल organisations के responses हैं; इन्हें भारत की हर कंपनी में हुई वास्तविक घटना के आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
AI के हाथ में कितना संवेदनशील डेटा?
रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे में शामिल 76% भारतीय organisations ने बताया कि उनके AI tools employee data तक पहुंच सकते हैं, जबकि global respondents में यह आंकड़ा 51% था। Customer information, financial records और source code जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी व्यापक AI access की बात सामने आई।
सबसे दिलचस्प विरोधाभास accountability में दिखाई देता है। 98% respondents को भरोसा था कि वे regulator के सामने compliant AI access प्रदर्शित कर सकते हैं, लेकिन केवल 47% ने कहा कि वे sensitive AI access को हमेशा उस व्यक्ति तक trace कर सकते हैं जिसने उसे approve किया था।
खतरा AI से है या कमजोर नियंत्रण से?
इस रिपोर्ट का महत्वपूर्ण संदेश यह नहीं है कि AI अपने आप कंपनियों का डेटा “चुरा” रहा है। असली मुद्दा यह है कि AI agents को कौन-सी permissions दी जाती हैं, वे कितने समय तक सक्रिय रहती हैं और organisations उन permissions को वास्तविक समय में कितना नियंत्रित कर पाती हैं।
रिपोर्ट में 45% respondents ने कहा कि AI-agent credentials में से कुछ उस काम के खत्म होने के बाद भी अगले audit तक active रह सकते हैं। वहीं केवल 43% ने CI/CD pipelines में AI access को action के समय enforce कर पाने की बात कही।
भारत में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा
यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत में enterprise AI adoption तेजी से आगे बढ़ रहा है। Deloitte की 2026 India findings में 40% Indian respondents ने significant या full AI usage बताया, जबकि global average करीब 28% था।
भारत सरकार भी Safe & Trusted AI को IndiaAI Mission के सात प्रमुख pillars में शामिल करती है और secure, fair तथा responsible AI development पर काम कर रही है।
शुभदा शक्ति का नजरिया: सुविधा जरूरी, लेकिन Privacy भी अधिकार
AI दिव्यांगजनों के लिए communication, education, employment और accessibility में बड़ी संभावनाएं पैदा कर सकता है। लेकिन यदि किसी AI system को personal, medical, financial या दूसरे sensitive data से काम करना हो, तो privacy, informed consent, accessibility और accountability को शुरुआत से design का हिस्सा बनाना जरूरी है।
सवाल AI को रोकने का नहीं, बल्कि उसे जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने का है।
क्या आपको पता है कि आपके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे AI tools आपके डेटा तक कितनी पहुंच रखते हैं? और क्या कंपनियों को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि AI आपके डेटा का इस्तेमाल कैसे कर रहा है? अपनी राय शुभदा शक्ति के साथ साझा करें।
शुभदा शक्ति — दिव्यांगों को दुनिया और दुनिया को दिव्यांगों से जोड़ने की एक पहल।






