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जी, सुना क्या ?? शादी-बच्चों से दूरी या भविष्य की चिंता? Gen Z की सोच का सच

शादी और बच्चे नहीं चाहते Gen Z–Millennials? असल वजह कुछ और बताती है रिपोर्ट

प्यार और परिवार से दूरी नहीं, आर्थिक सुरक्षा, स्थिर नौकरी और भविष्य की चिंता बदल रही है युवाओं के फैसले

नई दिल्ली। क्या आज की युवा पीढ़ी शादी और बच्चों से दूर भाग रही है? Gen Z और Millennials को लेकर अक्सर यह धारणा सामने आती है कि वे पारंपरिक पारिवारिक जीवन में पहले जैसी दिलचस्पी नहीं रखते। लेकिन एक नई रिपोर्ट इस तस्वीर को ज्यादा गहराई से देखने की जरूरत बताती है। युवाओं की प्राथमिकताओं में परिवार खत्म नहीं हुआ है, बल्कि आर्थिक सुरक्षा और भविष्य की स्थिरता पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है।

आजतक की रिपोर्ट में उद्धृत UNFPA से जुड़े अध्ययन में 73 देशों के 18 से 39 वर्ष की आयु के 1,08,926 इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को शामिल किया गया। निष्कर्ष बताते हैं कि शादी, पार्टनरशिप और माता-पिता बनने जैसे बड़े फैसलों में आर्थिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

पहले आर्थिक सुरक्षा, फिर परिवार?

रिपोर्ट के मुताबिक करीब 81 प्रतिशत प्रतिभागियों ने पार्टनरशिप के लिए आर्थिक सुरक्षा को महत्वपूर्ण माना। माता-पिता बनने के मामले में यह चिंता और स्पष्ट दिखाई देती है। करीब 88 प्रतिशत ने आर्थिक सुरक्षा और 87 प्रतिशत ने स्थिर नौकरी को महत्वपूर्ण बताया।

यानी सवाल सिर्फ यह नहीं है कि युवा शादी या बच्चे चाहते हैं या नहीं। सवाल यह भी है कि क्या उन्हें लगता है कि मौजूदा परिस्थितियों में वे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां उठाने के लिए तैयार हैं।

बढ़ती महंगाई, मकान की कीमतें और किराया, शिक्षा एवं स्वास्थ्य पर खर्च तथा रोजगार को लेकर अनिश्चितता जैसे कारण परिवार शुरू करने के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।

बच्चे नहीं चाहते—क्या यह धारणा सही है?

रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण पहलू इस आम धारणा को चुनौती देता है कि नई पीढ़ी बच्चों से पूरी तरह दूरी बना रही है। अध्ययन में करीब 80 प्रतिशत प्रतिभागियों ने बच्चों से मिलने वाली खुशी को उन्हें चाहने की महत्वपूर्ण वजह माना।

इससे संकेत मिलता है कि परिवार और बच्चों के प्रति भावनात्मक आकर्षण मौजूद है, लेकिन उसके साथ व्यावहारिक सवाल भी जुड़े हुए हैं—क्या नौकरी सुरक्षित है? क्या आय पर्याप्त है? क्या बच्चे की अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य का खर्च उठाया जा सकेगा?

बदल रही है ‘सही उम्र’ की परिभाषा

पहले सामाजिक व्यवस्था में शादी और बच्चे अक्सर एक निश्चित उम्र से जोड़कर देखे जाते थे। नई पीढ़ी इस समयरेखा को अपने करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत तैयारी के हिसाब से तय करने की ओर बढ़ती दिखाई देती है।

इसलिए शादी में देरी या बच्चे पैदा करने का फैसला टालना हमेशा परिवार संस्था से दूरी का संकेत नहीं माना जा सकता। कई युवाओं के लिए यह जिम्मेदारी लेने से पहले खुद को आर्थिक और भावनात्मक रूप से तैयार करने का फैसला भी हो सकता है।

निष्कर्ष

Gen Z और Millennials को केवल “शादी और बच्चे नहीं चाहने वाली पीढ़ी” कहना तस्वीर को जरूरत से ज्यादा सरल बना सकता है। उपलब्ध रिपोर्ट बताती है कि उनके फैसलों के पीछे आर्थिक सुरक्षा, रोजगार और भविष्य की स्थिरता जैसे व्यावहारिक सवाल महत्वपूर्ण हैं।

नई पीढ़ी शायद परिवार की अवधारणा को छोड़ नहीं रही, बल्कि एक सवाल पूछ रही है—“पहले भविष्य सुरक्षित करें या पहले परिवार बसाएं?”

और यही सवाल आने वाले वर्षों में विवाह, परिवार और जनसांख्यिकी से जुड़ी सामाजिक नीतियों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

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APOORV SEN
Author: APOORV SEN

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