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“Accessible Tourism: दिव्यांग पर्यटकों के लिए सुगम और बाधा-मुक्त पर्यटन की दिशा में भारत सरकार की पहल।”

“Accessible Tourism: दिव्यांग पर्यटकों के लिए सुगम और बाधा-मुक्त पर्यटन की दिशा में भारत की पहल।”

दिव्यांग पर्यटकों के लिए रैंप, व्हीलचेयर, सुलभ शौचालय से लेकर ब्रेल साइनेज और सुविधाजनक परिवहन तक पर जोर

 

नई दिल्ली। पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य को अनुभव करने का अवसर है। ऐसे में यह अवसर हर व्यक्ति के लिए समान रूप से उपलब्ध हो, इसके लिए भारत सरकार पर्यटन क्षेत्र में Accessible Tourism यानी सुगम एवं समावेशी पर्यटन को बढ़ावा दे रही है।

पर्यटन मंत्रालय की Accessible Tourism Guidelines for India 2022 में पर्यटन को दिव्यांगजनों और अन्य विशेष आवश्यकताओं वाले लोगों के लिए अधिक समावेशी बनाने पर जोर दिया गया है। दिशानिर्देशों के अनुसार accessibility को केवल किसी एक सुविधा तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि यात्रा के पूरे अनुभव—पर्यटन स्थल, सूचना एवं बुकिंग, परिवहन, आवास, भोजन, सांस्कृतिक गतिविधियों और अन्य पर्यटन सेवाओं—में शामिल किया जाना चाहिए।

क्या है Accessible Tourism?

Accessible Tourism का उद्देश्य ऐसा पर्यटन वातावरण तैयार करना है, जहां दिव्यांगजन अपनी जरूरत के अनुसार स्वतंत्र, सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से यात्रा कर सकें। इसमें व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए रैंप और सुगम प्रवेश से लेकर दृष्टिबाधित पर्यटकों के लिए ब्रेल एवं टैक्टाइल संकेत, श्रवण बाधित लोगों के लिए उपयुक्त सूचना व्यवस्था और सभी के लिए स्पष्ट साइनेज जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।

सरकारी दिशानिर्देश पर्यटन स्थलों की accessibility को धार्मिक, सांस्कृतिक, विरासत, इको, वेलनेस, एडवेंचर, वाइल्डलाइफ, मेडिकल और अन्य पर्यटन क्षेत्रों में लागू करने की आवश्यकता पर जोर देते हैं।

पर्यटन स्थलों पर किन सुविधाओं पर जोर?

भारत सरकार द्वारा अलग-अलग समय पर जारी जानकारी के अनुसार दिव्यांग पर्यटकों के लिए पर्यटन स्थलों और संबंधित सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाने के लिए कई उपाय किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

– ♿ रैंप और बाधा-मुक्त प्रवेश
– 🦽 व्हीलचेयर की उपलब्धता
– 🚻 दिव्यांग-अनुकूल शौचालय
– 🅿️ सुलभ पार्किंग सुविधाएं
– 🔤 ब्रेल साइनेज और टैक्टाइल पाथ
– 🔊 ऑडियो एवं अन्य सुलभ सूचना माध्यम
– 🚪 सुगम प्रवेश एवं आवागमन
– 🏨 Accessible होटल रूम और बाथरूम
– 🍽️ सुलभ सार्वजनिक क्षेत्र एवं रेस्तरां
– 🪧 स्पष्ट एवं आसानी से समझ आने वाले संकेतक

जैसी सुविधाओं को महत्वपूर्ण माना गया है। सांस्कृतिक एवं विरासत स्थलों पर भी रैंप, लिफ्ट, ब्रेल संकेत, टैक्टाइल पाथ, व्हीलचेयर और दिव्यांग-अनुकूल सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए हैं।

होटलों में भी Accessibility पर जोर

पर्यटन मंत्रालय की होटल संबंधी वर्गीकरण व्यवस्थाओं में दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इनमें accessible bathroom वाले विशेष कमरे, audible और visible alarm system, accessible public restrooms तथा व्हीलचेयर के लिए रैंप जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।

पर्यटन परियोजनाओं में Barrier-Free Environment

सरकार की कुछ पर्यटन योजनाओं के तहत परियोजनाओं के डिजाइन में barrier-free environment को शामिल करने पर भी जोर दिया गया है। PIB के अनुसार Swadesh Darshan और PRASHAD जैसी योजनाओं के अंतर्गत परियोजनाओं में दिव्यांग पर्यटकों के लिए बाधा-मुक्त पहुंच की आवश्यकताओं को शामिल करने का प्रावधान किया गया है।

सिर्फ सुविधा नहीं, सम्मान और स्वतंत्रता भी जरूरी

Accessible Tourism का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दिव्यांग व्यक्ति को यात्रा के दौरान किसी दूसरे व्यक्ति पर अनावश्यक रूप से निर्भर न रहना पड़े। Booking से लेकर होटल में check-in, स्थानीय परिवहन, पर्यटन स्थल में प्रवेश, भोजन और वापस लौटने तक पूरी यात्रा को accessible बनाना जरूरी है।

सरकारी अध्ययन में भी दिव्यांग पर्यटकों के सामने आने वाली चुनौतियों में booking staff द्वारा जरूरतों की पर्याप्त समझ न होना, accessible taxi एवं स्थानीय परिवहन की कमी, उचित signage का अभाव, सुलभ और किफायती accommodation तथा सार्वजनिक सुविधाओं की कमी जैसी समस्याओं को रेखांकित किया गया था।

सुरक्षित पर्यटन के लिए 24×7 हेल्पलाइन

पर्यटन मंत्रालय के अनुसार पर्यटकों की सहायता के लिए 24×7 बहुभाषी Tourist Helpline उपलब्ध है। वर्तमान सरकारी जानकारी के अनुसार पर्यटक 1800-11-1363 या 1363 पर सहायता और मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।

शुभदा शक्ति की अपील

पर्यटन तभी वास्तव में समावेशी माना जाएगा, जब किसी व्यक्ति की दिव्यांगता उसके घूमने, सीखने, देखने और देश की विरासत को अनुभव करने के अधिकार में बाधा न बने।

Accessible Tourism केवल infrastructure का विषय नहीं, बल्कि समान अवसर, गरिमा, स्वतंत्रता और सामाजिक भागीदारी का विषय है। देश के पर्यटन स्थलों, होटल, परिवहन सेवाओं और स्थानीय प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत में पर्यटन हर व्यक्ति के लिए वास्तव में सुगम, सुरक्षित और सम्मानजनक बने।

शुभदा शक्ति का मानना है कि “पर्यटन सबके लिए” तभी संभव है, जब accessibility को सुविधा नहीं बल्कि अधिकार और जिम्मेदारी के रूप में देखा जाए।

स्रोत: भारत सरकार, पर्यटन मंत्रालय एवं प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB)

APOORV SEN
Author: APOORV SEN

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